अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, बेंजामिन नेतन्याहू ने दिया बड़ा बयान, कहा- आतंकी शासन को खत्म करना लक्ष्य

इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है, जिसे 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' नाम दिया गया है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे देश की रक्षा के लिए एक रणनीतिक कदम बताया, जबकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को सरेंडर करने या 'निश्चित मौत' की चेतावनी दी है।
Benjamin Netanyahu

तेल अवीव: मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है क्योंकि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी है। इस संयुक्त ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) नाम दिया गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ईरान के ‘आतंकवादी शासन’ से उत्पन्न होने वाले बड़े खतरे को खत्म करने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है।

यह हमला दोनों देशों द्वारा ईरान को एक बड़े खतरे के रूप में देखे जाने की प्रतिक्रिया है। नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस सैन्य कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के आतंकवादी शासन से आने वाले बड़े खतरे को खत्म करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।’

ट्रंप की ईरानी सेना को सीधी चेतावनी

इस अभियान के बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना को एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर प्रसारित एक संबोधन में कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।

ट्रंप ने कहा, ‘इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, सशस्त्र सेनाओं और सभी पुलिस को मैं आज रात कहता हूं कि आपको अपने हथियार डालने चाहिए और पूरी छूट मिलेगी, या फिर वैकल्पिक रूप से निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सरेंडर करने वालों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा, लेकिन विरोध करने वालों का अंजाम मौत होगी।

‘ईरान के लोग अपना भाग्य खुद तय करेंगे’

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने संबोधन में अमेरिकी नेतृत्व के लिए डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ट्रंप की अगुवाई को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। नेतन्याहू ने ईरान के अयातुल्ला शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह शासन दशकों से ‘इजरायल की मौत’ और ‘अमेरिका की मौत’ के नारे लगाता रहा है।

“हमारा यह संयुक्त कदम बहादुर ईरानी लोगों को अपना भाग्य खुद तय करने का मौका देगा।”- बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजरायल

नेतन्याहू ने ईरान के लोगों से मौजूदा शासन के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘अब समय आ गया है कि ईरान के सभी वर्ग फारसी, कुर्द, अजरबैजानी, बलोच और अहवाज़ी अत्याचार की जंजीरों से मुक्त होकर एक स्वतंत्र और शांति चाहने वाला ईरान बनाएं।’

IDF ने बताया ऑपरेशन का मकसद

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने इस संयुक्त ऑपरेशन के उद्देश्य को स्पष्ट किया है। एक बयान में कहा गया, ‘इजरायल और अमेरिका की सेना ने ईरानी आतंकवादी शासन को पूरी तरह कमजोर करने और इजरायल से आने वाले बड़े खतरों को समय के साथ खत्म करने के लिए एक बड़ा और संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है।’ इस कदम से पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरणों के बदलने की आशंका जताई जा रही है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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