एफबीआई के डायरेक्टर बने काश पटेल, ट्रंप बोले – ‘मैं काश को पसंद करता हूं और उन्हें इस पद पर नियुक्त करना चाहता था’

काश पटेल को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया और इस नियुक्ति को लेकर काश पटेल की सराहना की है। बता दें कि काश पटेल के पिता भारतीय मूल के हैं।
एफबीआई के डायरेक्टर बने काश पटेल, ट्रंप बोले - 'मैं काश को पसंद करता हूं और उन्हें इस पद पर नियुक्त करना चाहता था'

काश पटेल, जिनका पूरा नाम कश्यप प्रमोद पटेल है, ने शनिवार को भगवद गीता पर हाथ रखकर अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई के डायरेक्टर के रूप में शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही काश पटेल, एफबीआई के डायरेक्टर बनने वाले नौवें व्यक्ति बन गए। यह शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन के व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित किया गया था। हालांकि, यह आयोजन आइजनहावर एक्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग (EEOB) के भारतीय संधि कक्ष में संपन्न हुआ।

शपथ ग्रहण करने के बाद से ही काश पटेल का नाम चर्चा में आ गया और वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। दरअसल, लोग यह जानने के लिए उत्सुक थे कि कश्यप प्रमोद पटेल कौन हैं, जिन्हें अमेरिका ने एफबीआई का डायरेक्टर नियुक्त किया है।

काश पटेल के पिता भारतीय मूल के

काश पटेल के पिता भारतीय मूल के व्यक्ति हैं, जिनका जन्म एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता 1970 के दशक में युगांडा के शासक ईदी अमीन के देश छोड़ने के फरमान के चलते भागकर कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुंचे थे। हालांकि, काश पटेल के पिता को 1988 में अमेरिका की नागरिकता मिल गई, जिसके बाद उन्हें एक एयरोस्पेस कंपनी में नौकरी भी मिल गई। बता दें कि कश्यप प्रमोद पटेल पहले काउंटर-टेररिज्म अभियोजन और रक्षा सचिव के मुख्य कर्मचारी भी रह चुके हैं।

क्या बोले डोनाल्ड ट्रम्प?

काश पटेल के एफबीआई डायरेक्टर बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की सराहना की। दरअसल, ट्रंप ने कहा, “मैं काश को पसंद करता हूं और उन्हें इस पद पर नियुक्त करना चाहता था क्योंकि एफबीआई के एजेंट उनके प्रति सम्मान रखते हैं।” आगे ट्रंप ने कहा, “काश पटेल इस पद पर सबसे बेहतरीन साबित होंगे। काश बहुत मजबूत और कठोर व्यक्ति हैं और उनके पास खुद के विचार हैं।” बता दें कि काश पटेल, डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं। हालांकि, इसे लेकर डेमोक्रेट्स में चिंता जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में एजेंसी की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि ट्रंप से करीबी संबंधों के कारण क्या काश पटेल एफबीआई की परंपराओं का पालन करेंगे?

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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