नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के गठन के साथ ही पीएम बालेन शाह एक्शन मोड़ में आ गए हैं प्रधानमंत्री शाह बालेन की अध्यक्षता में शुक्रवार 27 मार्च 2026 को हुई नवगठित मंत्रिमंडल की बैठक में जेन जी आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया गया था और आज इसपर अमल करते हुए शनिवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने पूर्व पीएम ओली को भक्तपुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया और जिला पुलिस रेंज काठमांडू लाया गया। गिरफ़्तारी के बाद ओली की तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्हें राजधानी काठमांडू केत्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, बता दें ओली पहले किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके हैं। इसी मामले में नेपाली कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है, उन्हें भक्तपुर जिले की सूर्यविनायक नगरपालिका के कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है।
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जेन-जी विरोध प्रदर्शन में बड़े स्तर पर हुई थी हिंसा जिसमें कई लोगों की जान गई
ओली की गिरफ़्तारी पिछले साल हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शन से जुडी बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जेन जी प्रदर्शनों के दौरान नेपाल में बड़े स्तर पर हिंसा हुई थी, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई थी और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इस आंदोलन की जाँच के लिए जांच आयोग ने इसे आपराधिक लापरवाही का मामला माना और कार्रवाई की सिफारिश की थी।
जांच आयोग ने ओली पर कार्रवाई की सिफारिश की थी
गौरतलब है कि पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अगुवाई वाले जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में केपी शर्मा ओली सहित कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया। इसी के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया, माना जा रहा है कि इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होंगी।
ओली समर्थक बदले की कार्रवाई कह रहे, सरकार ने कहा न्याय की शुरुआत
उधर पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृहमंत्री की गिरफ़्तारी के बाद नेपाल की सियासत गरमा गई है, ओली समर्थक इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं ओली के करीबी और सीपीएन-यूएमएल नेता प्रदीप ज्ञावली का कहना है कि सरकार की ये कार्रवाई उनके नेता को निशाना बनाने की साजिश है। उधर नवगठित सरकार के गृह मंत्री सुदान गुरूंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा, ‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया है यह किसी से बदला नहीं है, यह तो बस न्याय की शुरुआत है मुझे विश्वास है कि अब देश एक नई दिशा लेगा।