Most Dangerous lake: यह है दुनिया की सबसे खतरनाक झील, इसके पानी में जाते ही मूर्ति बन जाते हैं जानवर

Most Dangerous lake

Most Dangerous lake In World: बचपन में हम कई तरह की कहानियां सुनते हैं जिसमें कभी ना कभी यह सुनने में भी आया होगा कि जीवित जानवर पत्थर के बन जाते हैं। इन कहानियों पर यकीन करना तो थोड़ा मुश्किल है। लेकिन जब हम आपको ये कहे कि ऐसा वाकई में होता है तो हैरान होना वाजिब से बात है। आज हम आपको ऐसी जगह की जानकारी देते हैं जहां पर कहानियों में सुनी गई यह बात वाकई में सच होती है।

एक ऐसी झील है जिसमें अगर कोई जानवर या पक्षी जाता है तो वह पत्थर का बन जाता है। यह खतरनाक झील मेडुसा लेक और जॉम्बी लेक के नाम से जानी जाती है। इसका नाम ग्रीक माइथॉलजी में दिए गए एक कैरेक्टर मेडुसा के ऊपर रखा गया है, जो बहुत डरावनी दिखती है।

कहानी में बताया गया है कि वह जिसे भी देखती है वह पत्थर का बन जाता है। ठीक उसी तरह तंजानिया में यह खतरनाक झील मौजूद है जो नेट्रॉन झील के नाम से जानी जाती है। आरूषा क्षेत्र के जिले में ये झील पड़ती है।

इस जगह है Most Dangerous lake

इस झील से जुड़ी जो बातें बताई गई हैं उसके मुताबिक यह बहुत ही विशाल और लाल रंग की है। इसके अंदर आपको कई पशु पक्षी और जानवरों की मूर्तियां दिखाई देंगी। असल में यह मूर्तियां नहीं है बल्कि लाश है जो मूर्ति की तरह दिखाई देती है। इस दृश्य को देखने वाला कोई भी इंसान डर जाएगा। स्थानीय लोग इस इलाके में जाने से डरते हैं क्योंकि उनका कहना है कि यह झील शापित है।

Most Dangerous lake

ये है कारण

इस झील में जाने वाले पशु पक्षी जब पत्थर बनने लगे तो वैज्ञानिकों ने इसकी वजह जानने की कोशिश की। जब रिसर्च की गई तो यह सामने आया कि ऐसा इस झील में मौजूद पानी के वजह से होता है।

Most Dangerous lake

जानकारी के मुताबिक इस झील के पानी में ज्यादा मात्रा में एल्कलाइन मौजूद है जिस वजह से पानी का पीएच लेवल 10.5 है। दोइन्यो लेंगाई ज्वालामुखी की वजह से यहां के पानी में एलटी लाइन की मात्रा बढ़ी हुई है। ज्वालामुखी से जो लावा निकलता है वह आकर इस झील के पानी में मिलता है और एल्कलाइन के लेवल को बढ़ाकर इस जगह को खतरनाक बना देता है।

यह दुनिया में इकलौता ऐसा ज्वालामुखी है जिसके लावा में नेट्रोकार्बोनाइट निकलते हैं। इतना ही नहीं इस झील के पानी में कई ऐसे केमिकल मौजूद हैं जिनकी वजह से पशु पक्षियों की लाश सड़ने की की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और यह देखने में मूर्ति की तरह दिखाई देने लगते हैं।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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