नकली इंजेक्शन मामला : आरोपी ने नर्मदा नदी में बहा दिए थे नकली इंजेक्शन, सर्चिंग में लगी गोताखोरों की टीम

रेमडेसिविर इंजेक्शन

जबलपुर, संदीप कुमार। नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Duplicate Remdecivir Injection) मामले में लगातार चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गुजरात पुलिस (Gujarat Police) के कब्जे में आए आरोपी सपन जैन ने खुलासा किया है कि उसने नकली इंजेक्शन को नर्मदा में प्रभावित कर दिया था और 500 में से 36 इंजेक्शन अपने घर पर छुपा कर रखा था। शेष इंजेक्शन सिटी अस्पताल (City Hospital) को दिए थे।

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सिटी अस्पताल के मैनेजर देवेश चौरसिया ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि 60 मरीजों को यह नकली इंजेक्शन लगाया गया था। आरोपी देवेश चौरसिया का प्रोडक्शन वारंट लेने गुजरात पुलिस ने आवेदन भी दे दिया है। अस्पताल में आने-जाने वाले मृतकों के परिजन अब लगातार एसपी ऑफिस पहुंच रहे हैं। परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज करने और पैसे वापस दिलाने की लगातार पुलिस अधिकारी से मांग कर रहे हैं।

नर्मदा में नकली इंजेक्शन की सर्चिंग जारी
सिटी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि हमने नर्मदा जी में गोताखोरों को लगा दिया है, लगातार इंजेक्शन की सर्चिंग चल रही हैँ। लगभग 35 इंजेक्शन फेकने की बात सामने आई है। सिटी अस्पताल में 400 से 500 इंजेक्शन देने का खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं, लगातार शिकायतें भी आती जा रही है। वहीं सिटी हॉस्पिटल संचालक सरबजीत मोखा अभी कोरोना पॉजिटिव हैँ जिसकी वजह से उन्हें अभी रिमांड पर नहीं लिया जा रहा है। आरोपी हॉस्पिटल संचालक जैसे ही नेगेटिव होंगे तत्काल उसे जबलपुर पुलिस रिमांड पर लेगी। गुजरात पुलिस ने देवेश चौरसिया के लिए रिमांड आवेदन दिया है।

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