सिंधिया के सांसद बनते ही झूम उठे समर्थक, सड़कों पर बांटी मिठाई

सिंधिया के सांसद बनते ही झूम उठे समर्थक, सड़कों पर बांटी मिठाई

जबलपुर| संदीप कुमार| ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के राज्यसभा सांसद बनते ही संस्कारधानी जबलपुर (Jabalpur) में भी उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। सिंधिया फैंस क्लब के कार्यकर्ताओं ने आज जबलपुर में सिंधिया के राज्यसभा सांसद बनने के बाद सड़को पर उतर लोगों को मिठाई खिलाई और अपनी खुशी जाहिर की।

जबलपुर में है सिंधिया फैंस क्लब…..
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिराज सिंधिया के समर्थकों का जबलपुर में एक क्लब है जिसका नाम है “सिंधिया फैंस क्लब” करीब 15 माह बाद पुनः सांसद बनने की जैसे ही सिंधिया फैंस क्लब को जानकारी लगी वैसे ही वो खुशी से झूम उठे।सिंधिया फैंस क्लब के संयोजक अरविंद पाठक ने अपने साथियों के साथ एक दूसरे को मिठाई खिलाई और सिंधिया जिंदाबाद के नारे लगाए।

कल तक कांग्रेस के नारे लगाने वाले आज बोल रहे भाजपा जिंदाबाद 
जबलपुर में सिंधिया फैंस क्लब के सदस्य को अब सुर पूरी तरह से बदल चुके है कल तक जो कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते थे वो आज भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद की जय बोल रहे है।कहा जा सकता है कि राजनीति में सब कुछ संभव है।बहरहाल ये सिंधिया फैंस क्लब है।जहाँ इनके महाराज होंगे वही सिंधिया फैंस क्लब के सदस्य होंगे…..

सिंधिया फैंस क्लब के संयोजक अरविंद पाठक ने मोदी से की मांग…
ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा सांसद के बाद अब उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग भी शुरू हो गई है सिंधिया फैंस क्लब के संयोजक अरविंद पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से निवेदन किया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक अच्छा मंत्रालय सौपा जाए जिससे कि देश प्रदेश की उन्नति हो सके।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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