भोपाल गैस त्रासदी मामला : अवमानना याचिका पर दोषियों के खिलाफ टली सुनवाई

jabalpur high court

Jabalpur News : भोपाल गैस त्रासदी मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस शील नागू और जस्टिस विनय सराफ की कोर्ट ने भोपाल गैस कांड पीड़ितों के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले पर पुनः विचार आवेदन पर सुनवाई करते हुए फिलहाल सजा पर रोक लगा दी है।

क्या है पूरा मामला

कोर्ट मित्र सीनियर एडवोकेट नमन नागरथ ने बताया कि भोपाल गैसकांड मामले की सुनवाई 2012 से चल रही है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कुछ निर्देश भी हुए थे। जिसका पालन जब नहीं हुआ तो 2015 में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी जो कि अभी तक लंबित है। इस पर आज हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है, और पक्षकारों से जवाब लिया, और उनके आरोप तय करे। जिसके बाद हाईकोर्ट ने नवंबर में स्टेट और केंद्रीय विभाग के कुछ अधिकारियों को और अवमानना का दोषी मानते हुए 16 जनवरी को अधिकारियों की उपस्थिति में सजा सुनने के लिए रखा था। भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास से जुड़े आदेश का पालन नहीं करने के मामले में चल रहे अवमानना प्रकरण की सुनवाई अब 19 फरवरी को होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अवमानना के दोषी पाए गए अधिकारियों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई कि सजा सुनाने के पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। जिस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अवमानना के दोषी अधिकारियों को सजा के मसले पर सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।

भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास से जुड़े मामले की याचिका 2012 से चली जा रही हैं लेकिन 2015 में इसे लेकर अवमानना की याचिका दायर की गई है इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने नवंबर माह में ही अधिकारियों को अवमानना का दोषी माना था और 16 जनवरी को अधिकारियों की मौजूदगी में सजा पर सुनवाई होनी थी लेकिन पूर्ण बेंच न होने के चलते मामले की सुनवाई आज बुधवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में हुई, इस दौरान अवमानना के दोषी अधिकारियों की ओर से अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर कर कोर्ट से गुहार लगाई गई।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

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