सरकारी जमीन पर बिल्डर ने तान दी बहुमंजिला इमारत, 40 लाख में कइयों को बेच दिए फ्लैट्स

सरकारी जमीन पर बिल्डर ने तान दी बहुमंजिला इमारत, 40 लाख में कइयों को बेच दिए फ्लैट्स

जबलपुर, संदीप कुमार| मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन (District Administration) ने अब भूमाफियों (Land Mafia) के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन जबलपुर (Jabalpur) ने स्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहणी के खास और बिल्डर मोखा पर बड़ी कार्यवाही की है। प्रशासन ने दमोह नाका स्थित शासकीय भूमि पर तैयार की गई अनधिकृत भूमी पर बहुमंजिला इमारत को चिन्हित किया है जो कि शासकीय भूमि है।

बिल्डर मोखा ने सरकारी जमीन पर खड़ी कर दी अमृत हाइट्स बिल्डिंग
जानकारी के मुताबिक अमृत हाइट्स नाम की इस बहु मंजिला का निर्माण शहर के मोखा बिल्डर के द्वारा करवाया गया है जिसमें बनाए गए फ्लैट्स को 40-40 लाख रु में बेचा जा रहा है, प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक करीब तीस हजार स्क्वेयर फिट की इस जमीन की कीमत सत्तर से अस्सी करोड़ है।

नरेंद्र विश्वकर्मा की बताई जा रही है यह जमीन
बताया जा रहा है कि पहले यह भूमि नरेंद्र विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति की थी, इसीलिए नगर निगम के तत्कालीन अधिकारियों ने उस आधार पर जमीन का नक्शा पास भी कर दिया था फिर बाद में वर्ष 2010 को यह जमीन नामांतरण के लिए प्रशासन ने कोर्ट में रिव्यू यानी (पुनर्विचार)हेतु ले जाया गया था। जो कोर्ट में अंडर प्रोसेस था। ऐसी स्थिति में बिल्डिंग खड़ी करने से पहले बिल्डर को न्यायालय और प्रशासन की तरफ से अनापत्ति पत्र प्राप्त करना था लेकिन ऐसा ना कर बिल्डर ने यहां बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी।

न्ययालय ने भूमि का नामांतरण किया रदद्-जमीन को किया गया शासकीय घोषित 
कोर्ट ने सरकारी भूमि जिसकी कीमत 70 से 80 करोड़ रु बताई जा रही थी लिहाजा भूमि का नामांतरण रद्द कर इसे शासकीय भूमि घोषित किया गया,जिसकी जानकारी नरेंद्र विश्वकर्मा और बिल्डर को इमारत बनाने से पूर्व थी फिर भी बिल्डर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यह भूमि मध्य प्रदेश राज्य सड़क निगम के नाम दर्ज है। डिविजनल लैंड रिकार्ड कमिश्नर के द्वारा सिविल कोर्ट में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में इस जमीन को शासकीय बताया गया है।

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