जबलपुर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस के अधिकारियों के ठिकानों पर CBI और ACB ने मारा छापा, घोटाले के दस्तावेज बरामद

जबलपुर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस के अधिकारियों के ठिकानों पर CBI और ACB ने मारा छापा, घोटाले के दस्तावेज बरामद

Jabalpur News : जबलपुर सीबीआई (CBI) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज जबलपुर सहित देश भर में 12 जगहों पर छापे मारते हुए निर्माण कार्यों में करोडों का भ्रष्टाचार करने के मामले में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस(MES) के अधिकारियों पर बड़ी कार्यवाही की। आरोप है कि इन अधिकारियों ने कागजों पर निर्माण कार्य दिखाकर करीब 16 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान कर दिया।

जानकारी के मुताबिक सीबीआई और एसीबी की टीम ने जबलपुर, जोधपुर, प्रयागराज और शिलॉन्ग में एक साथ 12 जगह  अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापे मारे । सीबीआई ने प्रेस नोट भी जारी करते हुए बताया है कि इस छापामार कार्यवाई में उसे घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक फर्जी रेनोवेशन और कंस्ट्रस्ट्रक्सन वर्क दिखाकर ये घोटाला साल 2020-21, साल 2021-22 और साल 2022-23 यानि बीते 3 सालों में किया गया जिसमें एमईएस के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार करते हुए निजी फर्मों को फायदा पहुंचाया।

सीबीआई ने बीएम वर्मा, तत्कालीन जीई, एमईएस, रक्षा मंत्रालय, धीरज कुमार, वर्तमान जीई, एमईएस, रक्षा मंत्रालय, राजीव भारती तत्कालीन एजीई, एमईएस, के एन विश्वकर्मा, वर्तमान एजीई, एमईएस, रत्नेश त्रिपाठी, जेई, एमईएस, मुकेश तिवारी , जेई, एमईएस, मिंटू राज, एई, एमईएस, मनोज कुमार जेई, एमईएस, मेसर्स शिवालिक इंजीनियरिंग वर्क्स, सोनभद्र यूपी,मेसर्स स्काईलाईन एनकॉन, साउथ वेस्ट दिल्ली, मेसर्स रस्तोगी बिल्डर्स, दिल्ली, मेसर्स आर के ट्रांसफार्मर, जबलपुर, मेसर्स डायमंड इलेक्ट्रिकल, दिल्ली, मेसर्स ए के बिल्डर्स, जबलपुर, मेसर्स मंगलम ट्रेडर्स , वाराणसी, यूपी, मेसर्स गौतम इलेक्ट्रिक वर्क्स दिल्ली और मेसर्स जितेन्द्र सिंह, जबलपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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