रेलवे में फर्जीवाड़ा और जालसाजी करते हुए नौकरी पाने वाले दो युवकों को जबलपुर सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों युवक बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले है, जिन्होंने नौकरी पाने की सारी हदें पार कर दी थी। दोनों युवकों के बीच नौकरी को लेकर 6 लाख रुपए का सौदा हुआ था। जबलपुर सीबीआई ने धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले दोनों आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर जबलपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे ने 2024 में अलग-अलग पदों के लिए करीब 8 हजार से अधिक भर्तीयां निकली थी, जिसमें देश भर से अभ्यार्थी शामिल हुए थे। मुंगेर निवासी मुकेश कुमार ने फार्म भरा। पड़ोस का ही रंजीत कुमार जो कोचिंग पढ़ाया करता है, उससे संपर्क किया। पहले तो वह तैयार नहीं हुआ। बाद में मुकेश ने डील किया कि अगर उसकी नौकरी लग जाती है, तो 6 लाख रुपए कैश देगा।
सिंतबर 2025 में रेलवे में ज्वाइनिंग
मुकेश कुमार की टेक्नीशियन के पद पर नौकरी लग चुकी थी। इस दौरान 12 जुलाई 2025 को रेलवे में रोजगार मेला, जिसमें शामिल होने के लिए मुकेश कुमार पहुंचा। सिंतबर 2025 में उसकी ज्वाइनिंग हो गई। रेलवे में नौकरी करने के दौरान मुकेश कुमार ने दमोह,सागर और जबलपुर में काम किया।
बायोमेट्रिक से पकड़ आया मुकेश का फर्जीवाड़ा
अक्टूबर 2025 में ट्रेनिंग के लिए मुकेश कुमार को प्रयागराज भेज दिया गया। रेलवे में जब बायोमेट्रिक के जरिए जांच की तो मुकेश कुमार का फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जबलपुर मंडल कीओर से इस फर्जीवाड़े में सीबीआई को लिखित में शिकायत दी गई, जिसके बाद 2 दिसंबर 2025 को मुकेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जबलपुर सीबीआई की टीम ने दोनों ही आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार करने के बाद जबलपुर लेकर आए जहां कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें वहां से जेल भेज दिया।






