केंद्र सरकार का विरोध शुरू, निगमीकरण बना विरोध की वजह

केंद्र सरकार का विरोध शुरू, निगमीकरण बना विरोध की वजह

जबलपुर, संदीप कुमार। शुक्रवार को आयुध निर्माणी खमरिया में सुरक्षा संस्थानों के तीनों महासंघ एआईडीईएफ,आईएनडीडब्ल्यूएफ, बीपीएमएस से संबद्ध ओएफके लेबर यूनियन, सुरक्षा कर्मचारी यूनियन (इंटक) कामगार यूनियन खमरिया ने द्वार सभा के माध्यम से क्रमिक धरने का आरंभ कर दिया है। दावा है कि यह प्रतिदिन लगातार यूनियन के तीन सदस्यों के साथ चलता रहेगा।

केंद्रीय मंत्री ने सौंपे लाखों के मेडिकल उपकरण, ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ, कांग्रेस पर साधा निशाना

यूनियनों ने निर्णय लिया है कि यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ यह धरना चलते-चलते निर्माणी के आखिरी कर्मचारी तक जाएगा। निगमीकरण के संबंध में सरकार द्वारा कोई भी पहल ना करने पर इसे भूख हड़ताल में तब्दील किया जाएगा। श्रमिक नेताओं को कहना है कि सीएलसी द्वारा फेडरेशन को धोखे में रखकर प्रस्ताव को पारित किया जो घोर निंदनीय है। यूनियन के अरुण दुबे,रामप्रवेश, राकेश शर्मा, राजेंद्र चडारिया,आनंद शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह,अरनव दासगुप्ता, रूपेश पाठक,अमित चौबे, अखिलेश पटेल, प्रेम लाल सेन, जीजो जैकब, राहुल चौबे, गौतम शर्मा, कृष्णा शर्मा, अनिल गुप्ता ने क्रमिक भूख हडताल का समर्थन किया एवं कहा कि इसे खमरिया से प्रारंभ किया जाएगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews