रानी दुर्गावती विश्विद्यालय में कोरोना की दहशत, जाने कितने दिन रहेगा बंद

रानी दुर्गावती विश्विद्यालय में कोरोना की दहशत, जाने कितने दिन रहेगा बंद

जबलपुर, संदीप कुमार। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक बार पुन: कोरोना विस्फोट हुआ है। एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने एवं एक कर्मचारी के कोरोना संदिग्द्ध होने के चलते कर्मचारियों में दहशत का आलाम है। कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आने के पश्चात विवि प्रशासन भी हरकत में आया और आनन-फानन में रविवार को आदेश जारी कर 14 से 16 सितम्बर तक संस्थान को आंशिक बंद की घोषणा कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी विवि कर्मचारी संघ का नेता भी है जिसका रोजाना कई कर्मचारियों के सम्पर्क में आना स्वभाविक है। हालांकि विवि प्रशासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि कोरोना संक्रमण सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए एवं इससे आवश्यक बचाव के उपाय किये जाने हेतु विवि को 14 सितम्बर, से 16 सितम्बर 2020 तक आंशिक रूप से बंद रखे जाने का निर्णय लिया गया है। प्रभारी कुलसचिव डा. दीपेश मिश्रा ने बताया कि परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए गोपनीय एवं ऑनलाइन प्रकोष्ठ के अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार उपस्थिति दर्ज करानी होगी। अन्य विभागों के अधिकारी/कर्मचारी ‘वर्क फ्राम होम’ के माध्यम से कार्य सम्पादित करेंगे एवं आवश्यकता होने पर उन्हें भी कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य सम्पादित करना होगा। विवि शिक्षण विभागों में प्रवेश एवं सीबीसीएस परीक्षा हेतु विभागाध्यक्ष यथासंभव ऑनलाइन के माध्यम से प्रक्रिया संपादित करेंगे एवं आवश्यकता होने पर ही विभागों में उपस्थित होकर कार्य सम्पादित करेंगे। विवि प्रशासन की ओर से विवि परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध किया गया है। संक्रमित कर्मचारी के परिवार के संपर्क में आए व्यक्तियों को होम क्वारांटीन रहने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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