दिग्विजय ने शिवराज सरकार पर लगाये आरोप, बोले- एमपी में ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को मिलता है ऑनलाइन परीक्षा कराने ठेका

दिग्विजय ने शिवराज सरकार पर लगाये आरोप, बोले- एमपी में ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को मिलता है ऑनलाइन परीक्षा कराने ठेका

Jabalpur News : मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा परिणाम के बाद मचे बवाल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही ऑनलाइन परीक्षा के विरोध में रही है। 2013 से लगातार सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी हो रही है, बावजूद इसके सरकार ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को परीक्षा कराने ठेका देते हुए आ रही है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं राज्यसभा सदस्य आज नर्मदा तट गौरीघाट से शुरू हुई कावड़ यात्रा में शामिल हुए, इस दौरान उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, विधायक संजय यादव सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। दिग्विजय सिंह ने शिवराज सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नॉर्मलाइजेशन के नाम पर एक बड़ा भ्रष्टाचार हमेशा से होता आ रहा है। यही वजह है कि नॉर्मलाइजेशन के नाम पर ज्यादा नंबर को कम और कम नंबर को बढ़ाने का खेल हो रहा है।

कावड़ यात्रा में शामिल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वेदिका ठाकुर के घर भी गए और मृत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वेदिका ठाकुर हत्याकांड को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर समय रहते सरकार वेदिका ठाकुर का अच्छे ढंग से इलाज करवा देती तो आज जबलपुर की बेटी हम सबके बीच होती।

उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे अपराधियों के घर तो सरकार का बुलडोजर तुरंत चलता है लेकिन जघन्य घटना को अंजाम देने वाले अपराधी प्रियांश विश्वकर्मा जिसके खिलाफ नगर निगम ने मकान तोड़ने का नोटिस जारी किया है और हाईकोर्ट ने भी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए निचली अदालत के स्टे को हटाया इसके बाद भी उसका मकान नही तोड़ा गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वैसे तो मैं बुलडोजर संस्कृति के खिलाफ हूं लेकिन अगर वह बुलडोजर का श्रेय लेते हैं तो फिर भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

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जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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