पालतू डॉग से इतना प्यार…ईलाज करवाने कटनी से जबलपुर पहुंचा

पालतू डॉग से इतना प्यार…ईलाज करवाने कटनी से जबलपुर पहुंचा

जबलपुर।संदीप कुमार।

दुनिया मे डॉग से ज्यादा ईमानदार कोई नही होता है और जब वह मेरे लिए वफादार है तो मेरा भी फर्ज है कि मैं उसके लिए वफादार रहू। ये कहना है कटनी निवासी विनय सिंह का जो कि अपने डॉग का इलाज करवाने के लिए ट्रेन में सवार होकर जबलपुर आया हुआ था।विनय सिंह का कहना था कि वक्त-वेवक्त मेरे घर परिवार की सुरक्षा करने वाले डॉग मेरे परिवार का सदस्य है। उसका दुख मेरा दुख है।चोट लगने पर उसे इलाज के लिए कटनी से जबलपुर लाया हूं।

विनय जबलपुर रेलवे स्टेशन पर डॉग की सेवा भाव में जुटा हुआ था और लोग उसे देख रहे थे।दरसअल जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 6 पर कटनी निवासी विनय सिंह को अपने डॉग की सेवा करते हुए जो देख रहा था वो आश्चर्य कर रहे थे। विनय कभी उसके पैर दबाता तो कभी उसके ऊपर हाथ फेरता। एक जानवर के प्रति इस तरह की संवेदना पर यात्री भी यह कहने से नही चूक रहे थे, कि आज के दौर में जहां लोग अपनो का साथ नहीं देते ।

वहीं जानवर के प्रति विनय का लगाव तारीफ योग्य है।कटनी निवासी विनय का कहना था कि आज के समय में लोग अपनो के लिए काम नहीं आते इंसानियत खत्म होते जा रही है। मेरे लिए यह डॉग खास है। तीन साल से इसे अपने परिवार के सदस्य की तरह साथ में रखा हुआ हूँ।अचानक ही इसे चोट लग गई थी और उसका इलाज के लिए कटनी से जबलपुर वैटनरी कालेज लाया हुआ हूं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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