दहेज लोभियों की भेंट चढ़ी नवविवाहिता, जिन्दा जलाया, इलाज के दौरान मौत

दहेज लोभियों की भेंट चढ़ी नवविवाहिता, जिन्दा जलाया, इलाज के दौरान मौत

जबलपुर|संदीप कुमार|  कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण की दहशत भी दहेजलोभियों के दहेज (Dowry) लेने की चाहत को कम नही कर पा रही है। ताजा मामला दमोह का है जहाँ दहेज की लालच में 22 साल की युवती को उसके ससुराल पक्ष के लोगो ने आग लगाकर जिंदा जला दिया। करीब 80 प्रतिशत तक झुलसी विनीता की आज मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई|

2019 को तेजगढ़ में हुआ था विनीता का विवाह
मृतिका विनीता के भाई कमल सिंह ने बताया कि जून 2019 में उन्होंने अपनी बहन की शादी तेजगढ़ निवासी दीपक कुमार से की थी। शादी के बाद से ही लगातार विनीता को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था इतना ही नहीं कई बार उसे मारपीट कर रुपए लाने के लिए घर भी भेजा गया। विनीता के कहने पर भाइयों ने दीपक को रुपए भी दिए। हाल ही में दीपक ने एक बार फिर एक लाख रु नगद और मोटरसाइकिल मांग करते हुए विनीता के साथ मारपीट की तब भी विनीता अपने परिवार वालो से रु मांगने को तैयार नही हुई तो उसे आग के हवाले कर दिया।

80% जली हालत में किया गया मेडिकल कॉलेज में भर्ती, आज हो गई मौत 
विनीता के परिजनों का आरोप है कि उसे जलाने के बाद पति और परिवार के अन्य सदस्य इलाज के लिए उसे दमोह ले गए जहां डॉक्टरों ने विनीता की हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया।दो दिन पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई विनीता की आज मौत हो गई।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच की शुरू 
इधर विनीता की मौत से आक्रोशित उसके परिजनों ने मौत के लिए उसके पति दीपक और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।वही परिजनों की शिकायत पर दमोह पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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