फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव पुलिस जवानों से मिले, हौंसला बढ़ाया

फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव पुलिस जवानों से मिले, हौंसला बढ़ाया

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए जबलपुर के पुलिस जवान लगातार मेहनत कर रहे हैं। खास बात ये है कि जबलपुर के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह सुबह 7 बजे से रात 1 बजे तक शहर की सड़कों पर घूम घूमकर अपने जवानों का हौसला अफजाई करते है।

पुलिस जवानों से मिलने आए आशुतोष राणा और राजपाल यादव, हौंसला बढ़ाया
जबलपुर के हॉटस्पॉट इलाका सराफा बाजार में 21 मार्च से पुलिसकर्मी लॉक डाउन के चलते लगातार ड्यूटी कर रहे है ऐसे मे इन पुलिसकर्मियों के हौसला अफजाई करने के लिए फ़िल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव पहुँचे और पुलिसकर्मियों को पेय पदार्थ देकर उनके कामो की सरहाना की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए आशुतोष राणा ने कहा कि आज की वैश्विक बीमारी में जो हालात बने है वो किसी से छिपे नही है।उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमको यम नियम और संयम का पालन करने को है ऐसे में अब वो घड़ी आ गई है जब हमे यम नियम और संयम का पालन करेंगे तो इससे हम बहुत जल्दी ही निदान पा लेंगे।

फ़िल्म अभिनेता ने राणा ने देश के सभी लोगो से निवेदन किया है अपने आत्मीय जनों के यम नियम का पालन संयम पूर्वक करें और हमे विश्वास है कि इससे कोरोना बीमारी से हम जीत जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज समय है शारीरिक दूरी हम बनाए रखे पर आत्मीय नजदीकियां बनी रहे। उन्होने मध्यप्रदेश पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि आज जब सब लोग कोरोना वायरस बीमारी से ख़ौफ़ खाकर अपने अपने घरों में है वही ये पुलिसकर्मी बाहर घूम कर अपने फर्ज को निभा रहे है। इधर जबलपुर एसपी अमित सिंह ने कोरोना हॉटस्पॉट एरिया में आकर जबलपुर के पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाने पर जबलपुर आए दोनो फ़िल्म अभिनेताओं का धन्यवाद दिया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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