जबलपुर में 136 दिन बाद फिर खुलेंगे जिम, गाइडलाइन का करना होगा पालन, आदेश जारी

जबलपुर में 136 दिन बाद फिर खुलेंगे जिम, गाइडलाइन का करना होगा पालन, आदेश जारी

जबलपुर ,संदीप कुमार
बीते 22 मार्च से बंद जबलपुर शहर के तमाम जिम और फिटनेस सेंटर को आखिरकार राहत मिल ही गई है| 6 अगस्त से जिले के तमाम जिम और फिटनेस सेंटर को खोलने के लिए जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं|हालांकि जो भी जिम खुलेंगे उन्हें शासन की गाइडलाइन का पालन करना होगा ऐसे में अगर जो जिम संचालक शासन के निर्देश का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ फिर कार्यवाही भी की जाएगी|

आज जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब जबलपुर जिले के तमाम जिम फिटनेस सेंटर और योगा सेंटर को खोला जा सकता है कलेक्टर ने कहा कि जो भी जिम खुलेगा उस जिम में सोशल डिस्टेंस मास्क पहनना और वहां पर सैनिटाइजर उपलब्ध होना अति आवश्यक है एसडीएम और तहसीलदारों को लगातार इसकी निगरानी करने की भी कलेक्टर भरत यादव ने निर्देश दिए हैं इसके अलावा रोजाना लगने वाले कर्फ्यू पर भी जिला प्रशासन ने भी दी है अब जो कर्फ्यू रहेगा वह रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक लागू रहेगा वहीं अगर कोरोना पॉजिटिव केस की बात की जाए तो बीते 24 घंटों के अंतराल में 72 नए मरीज को रोना के मिले हैं जबलपुर में अब करुणा शंकर मतों की संख्या 1619 पहुंच गई है वही करो ना से मरने वालों की संख्या भी 33 है जबलपुर में अभी तक करुणा से स्टार्ट होने वाले की संख्या 1097 है जबकि 489 के सभी भी पूर्णा के एक्टिव है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews