
Jabalpur High Court
जबलपुर, संदीप कुमार। बार-बार एक याचिका को दायर कर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट (MP High court) ने नाराजगी जाहिर करते हुए जबलपुर नगर निगम (jabalpur municipal corporation) को ना सिर्फ फटकार लगाई बल्कि 50 हजार रु के कास्ट (Cost) से भी दण्डित किया है। हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की डिवीजन बेंच ने माना कि जबलपुर नगर निगम न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा हैं।
हाई कोर्ट ने दायर की गई नगर निगम की पुनरीक्षण याचिका को भी खारिज कर दिया। दरअसल जबलपुर नगर निगम की ओर से दायर की गई पुनरीक्षण याचिका में कहा गया था कि 2016 में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दैनिक वेतन भोगी कर्मी के नियमितीकरण के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ निगम की अपील युगल पीठ ने 9 अगस्त 2016 को खारिज कर दी।
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इसी आदेश को फिर चुनौती देते हुए याचिका में सुनने का आग्रह किया गया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि इसी मामले को लेकर 2 साल पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। जून 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद भी नगर निगम ने एकल पीठ के आदेश के स्पष्टीकरण के लिए अर्जी लगाई थी। इस याचिका को भी जून 2022 को खारिज कर दी गई। बावजूद इसके नगर निगम की ओर से डिवीजन बेंच के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका लगाई गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक ही विषय पर बार-बार याचिका दायर करने के लिए नगर निगम को 50 हजार रु का कास्ट लगाते हुए फटकार भी लगाई गई।
