खबर का असर: तीन केंद्रीय सुरक्षा संस्थानों को जारी हुआ नोटिस

खबर का असर: तीन केंद्रीय सुरक्षा संस्थानों को जारी हुआ नोटिस

जबलपुर| संदीप कुमार| जबलपुर में एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ की खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। कलेक्टर के निर्देशों का पालन न करने के चलते तीन केंद्रीय सुरक्षा संस्थानों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। जबलपुर की तीनों ही केंद्रीय सुरक्षा संस्थानो ने जिला प्रशासन के द्वारा दिए गए बिंदुओं का पालन नहीं कर पाई थी। लिहाजा कलेक्टर ने इसे एक गंभीर मामला माना है और एसडीएम रांझी को निर्देशित किया कि इन फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगे।

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरे जिले में लॉक डाउन है इसी के तहत ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर और गन कैरिज फैक्ट्री के जनरल मैनेजर ने कलेक्टर भरत यादव से मुलाकात कर उनके तमाम निर्देशों का पालन करने का हवाला देते हुए फैक्ट्री में 20% कर्मचारियों को आने के लिए अनुमति मांगी थी। पर जब कर्मचारी फैक्टरी पहुंचे तो ना ही सोशल डिस्टेंस बनाकर रहे और ना ही कर्मचारियों ने जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन किया। लिहाजा कलेक्टर भरत यादव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और एसडीएम रांझी मनीषा वास्कले को निर्देशित किया कि वह तीनों ही फैक्ट्रियों के जनरल मैनेजर को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण ले।

गौरतलब है कि इस खबर को हमने प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद कलेक्टर भरत यादव ने इसे बड़ी लापरवाही मानी थी।
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Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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