शहर के अधारताल थाना क्षेत्र में कॉपीराइट उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने दूसरे ब्रांड के मशहूर रेडी-टू-ईट स्नैक्स की हूबहू नकल कर उन्हें बाजार में उतारने वाली एक फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। खजरी खिरिया बाईपास स्थित विजय श्री सेल्स कंपनी पर दबिश देते हुए पुलिस ने न केवल संदिग्ध उत्पादों को जब्त किया, बल्कि पूरी फैक्ट्री को भी सील कर दिया है। यह कार्रवाई स्थानीय खाद्य कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
मामले की शुरुआत करीब दस दिन पहले हुई थी, जब टेमर भीठा स्थित ‘गंगा फूड्स’ कंपनी के संचालक योगेश और विनोद उपाध्याय ने अधारताल थाने में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि बाजार में उनके लोकप्रिय उत्पादों की हूबहू नकल कर सस्ते दामों पर बेचे जा रहे हैं। इस अवैध व्यापार के कारण उनकी कंपनी की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो रही थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। शिकायतकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल उनके उत्पादों की नकल नहीं, बल्कि उनके ब्रांड और मेहनत का सीधा उल्लंघन था।
शिकायत के साथ सौंपे गए पुख्ता सबूत
योगेश और विनोद उपाध्याय ने अपनी शिकायत के साथ अधारताल पुलिस को पुख्ता सबूत भी सौंपे थे। इन सबूतों में यह दर्शाया गया था कि उनके लोकप्रिय रेडी-टू-ईट स्नैक्स जैसे ‘एबीसीडी’, ‘दाल चावल’ और ‘बिरयानी’ की न केवल पैकिंग की नकल की जा रही थी, बल्कि उनके स्वाद (फ्लेवर) को भी कॉपी किया जा रहा था। यह एक गंभीर आरोप था, क्योंकि किसी उत्पाद के स्वाद और पैकिंग की नकल करना कॉपीराइट कानून का सीधा उल्लंघन माना जाता है। पुलिस ने इन ठोस साक्ष्यों को गंभीरता से लिया और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की।
छापेमारी में कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े उत्पाद बरामद
प्रारंभिक जांच और प्राप्त साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद, अधारताल पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया। पुलिस टीम ने दोपहर तीन बजे खजरी खिरिया बाईपास स्थित आकाश गौतम के स्वामित्व वाली विजय श्री सेल्स इंटरप्राइजेज फैक्ट्री पर छापा मारा। यह छापा एक सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें पुलिस ने फैक्ट्री के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान, पुलिस को मौके पर कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े कई संदिग्ध उत्पाद, उन्हें बनाने वाली मशीनें और बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्रियां मिलीं। इन सामग्रियों को देखकर स्पष्ट था कि यहां बड़े पैमाने पर नकली उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था।
पुलिस ने संदिग्ध उत्पाद, मशीनें और पैकिंग सामग्री की जब्त
पुलिस ने मौके से बरामद सभी संदिग्ध उत्पादों, मशीनों और पैकिंग सामग्रियों को तत्काल कब्जे में ले लिया। कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फैक्ट्री को तत्काल सील करने का आदेश दिया, ताकि आगे किसी भी तरह के अवैध उत्पादन को रोका जा सके और सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना न रहे। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है।
अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया कॉपीराइट कानून का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित कंपनी की शिकायत और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर यह त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने माल जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया है और अब इस मामले में आगे की वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो दूसरों के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन कर अवैध व्यापार में लिप्त हैं। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाएगा ताकि बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे और उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें।






