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जबलपुर बरगी डैम क्रूज़ हादसा: नागरिक उपभोक्ता मंच ने लगाया एनजीटी निर्देशों की अनदेखी का आरोप, जांच की मांग, अदालत जाने की चेतावनी

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Shruty Kushwaha
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मंच ने प्रशासन और पर्यटन विभाग पर नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि तकनीकी मानकों का पालन नहीं हुआ और घटना के बाद पारदर्शिता भी नहीं बरती गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि उचित कार्रवाई न होने पर वे अदालत का रुख करेंगे।
जबलपुर बरगी डैम क्रूज़ हादसा: नागरिक उपभोक्ता मंच ने लगाया एनजीटी निर्देशों की अनदेखी का आरोप, जांच की मांग, अदालत जाने की चेतावनी

फाइल फोटो

जबलपुर बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर नागरिक उपभोक्ता मंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एनजीटी के स्पष्ट आदेशों का खुला उल्लंघन हुआ है। मंच ने प्रदेश सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोर्ट का रुख करेगा।

मंच के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिस क्रूज़ का इंजन फोर-स्ट्रोक होना अनिवार्य था, वह इस मानक पर खरा नहीं उतरता था। उन्होंने कहा कि एनजीटी द्वारा जारी निर्देशों के पैरा 131 में निर्देश है कि जलाशय जिन्हें वेट लैंड घोषित नहीं किया गया है, वहां पर यांत्रिक नाव संचालन किया जा सकता है बशर्त उनमें फोर-स्ट्रोक इंजन लगे होना चाहिए, जैसे कि विश्व के 3 दर्जन देशों मे किया जा रहा है। सभी पर्यावरणीय कानूनों का पालन भी कर रहे है लेकिन जबलपुर में ऐसा नहीं किया गया।

नागरिक उपभोक्ता मंच ने लगाया एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना का आरोप

नागरिक उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे ने कहा कि जिस क्रूज का इंजन चार स्ट्रोक होना अनिवार्य था, वह वैसा नहीं था। इसके अलावा उसका दूसरा इंजन पहले से ही बंद था, जिसके कारण यह बड़ी दुर्घटना हो गई। उनका कहना है कि घटना वाले दिन क्रूज़ पानी में ही ठप हो गया था, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया।

डॉ. नाजपांडे ने कहा कि “मध्यप्रदेश पर्यटन निगम का यह दावा पूरी तरह गलत है कि नर्मदा और सहायक नदियों में क्रूज संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरणीय अनुमति की जरूरत नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 12 सितंबर 2023 को दिए गए आदेश के पैरा 131 में साफ निर्देश दिया है कि जिन जलाशयों को वेटलैंड घोषित नहीं किया गया है, वहां यांत्रिक नावें (मैकेनिकल बोट्स) केवल चार-स्ट्रोक इंजन के साथ ही चलाई जा सकती हैं।”

उच्चस्तरीय जांच की माँग

नागरिक उपभोक्ता मंच ने आरोप लगाया है कि बरगी डैम में दुर्घटनाग्रस्त हुआ क्रूज चार-स्ट्रोक इंजन वाला नहीं था। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद जांच पूर्ण होने से पहले ही क्रूज को डिसमेंटल कर दिया गया, जो साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने मौके पर खड़े होकर क्रूज को डिसमेंटल करवाया, उनके खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। नागरिक उपभोक्ता मंच ने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग से तत्काल उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है ताकि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए। उन्होंने ऐसा न होने पर अदालत जाने की चेतावनी भी दी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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