
जबलपुर कैंट बोर्ड ने फरमान जारी किया है कि अब कैंट के मैदान का उपयोग करने पर 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक का किराया देना होगा, जिसके विरोध में मंगलवार को सदर बाजार बंद रखा गया। साधु संतों के साथ विभिन्न संगठन और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय का घेराव किया।
आपको बता दें कैट बोर्ड ने शिवाजी मैदान में दशहरा या मोहर्रम के कार्यक्रम के लिए 51 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया रखा है, इसके साथ ही अन्य छोटे मैदानों का भी किराया 5 से 11 हजार रुपए तक देना होगा। बोर्ड के इस आदेश का शहर में विरोध होने लगा है।
शहरवासियों ने किया प्रदर्शन
मंगलवार की दोपहर को सामाजिक, राजनैतिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि रामलीला मैदान में एकत्रित हुए। सभी संगठन के प्रतिनिधि यहां से धर्म गुरुओं के नेतृत्व में रैली की शक्ल में सदर बाजार की विभिन्न गलियों से नारेबाजी करते हुए शिवाजी ग्रांउड के पास पहुंची।
पुलिस के साथ हुई छिटपुट झड़प
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए बोर्ड कार्यालय तक जा पहुंचे। स्थिति से निपटने कैंट बोर्ड कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लिहाजा छुटपुट झड़प के साथ प्रदर्शन किया गया।
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जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

