जबलपुर में जर्जर सड़कों और अधूरे विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। दरअसल सतपुला से रांझी मार्ग की खराब हालत, अमृत योजना के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं होने और लगातार हो रहे हादसों के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने विधायक का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान जल्द स्थायी सड़क निर्माण की मांग उठाई गई।
दरअसल सतपुला से रांझी मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है जिससे रोजाना हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बड़े गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी दादा ईश्वरदास रोहणी स्टेडियम रोड की बदहाल स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अमृत योजना पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि आंदोलन की घोषणा के बाद प्रशासन और विधायक प्रतिनिधियों ने केवल गिट्टी डालकर अस्थायी मरम्मत की कोशिश की। उनका कहना है कि इससे सड़क की मूल समस्या दूर नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोगों को मजबूत और टिकाऊ सड़क चाहिए, न कि कुछ दिनों तक चलने वाला अस्थायी काम। अमृत योजना के तहत पिछले छह महीनों से क्षेत्र में पाइपलाइन और अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि खुदाई के बाद कई जगह सड़कें पहले जैसी नहीं बनाई गईं। कई हिस्सों में गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं और कहीं सिर्फ गिट्टी डालकर काम पूरा दिखाया गया है। इसके कारण बारिश के दौरान हालात और खराब हो गए हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मांग की कि अमृत योजना के सभी अधूरे काम तय समय में पूरे किए जाएं और सड़क की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराई जाए।
सतपुला-रांझी मार्ग पर हादसों का मुद्दा भी उठा
वहीं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खराब सड़कें अब सिर्फ असुविधा का विषय नहीं रहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा का सवाल बन गई हैं। उनका कहना है कि गड्ढों और उखड़ी हुई सड़क की वजह से आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई वाहन चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे चोट लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को आम लोगों की परेशानी का सही अंदाजा नहीं है। नेताओं ने कहा कि यदि सतपुला-रांझी मार्ग का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण जल्द शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।






