MP में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद जबलपुर जिला प्रशासन अलर्ट, सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे

जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए है कि शहर के साथ-साथ ग्रामीणों क्षेत्रों की मटन-चिकन दुकानों के भी सैंपल लिए जाए, अगर कोई पॉजिटिव केस आया तो, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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MP News : महाराष्ट्र के बाद अब बर्ड फ्लू ने मध्य प्रदेश में भी दस्तक दे दी है। नागपुर से लगे छिंदवाड़ा में भी बर्ड फ्लू वायरस की पृष्टि हुई है, जिसके बाद अब जबलपुर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। हालांकि यहां पर अभी तक एक भी केस पॉजिटिव नहीं आया है, फिर भी प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए स्वास्थ्य विभाग और वेटरनरी काॅलेज के अधिकारियों के साथ चिकन-मटन शॉप पर जाकर सैंपल कलेक्ट करना शुरू कर दिया है।

छिंदवाड़ा जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि , दुकानें सील 

बता दे कि छिंदवाड़ा जिले में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ते देख H5-N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद संक्रमित क्षेत्रों में 30 दिनों के लिए सभी मटन और चिकन दुकानों को सील कर दिया गया है। दो दिन पहले नागपुर के सीमावर्ती जिले छिंदवाड़ा में जांच के दौरान पाया गया कि शहर के कई क्षेत्रों में बर्ड फ्लू से संबंधित मामले सामने आए है, लिहाजा स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में चिकन दुकान मालिकों और पशुपालकों के परिवारों के सैंपल लिया और फिर बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

जबलपुर जिला प्रशासन अलर्ट, सेम्पल जांच के लिए भेजे 

इधर जबलपुर कलेक्टर ने भी बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है, हालांकि जबलपुर में अभी तक बर्ड फ्लू से लेकर कोई भी केस पॉजिटिव नहीं आया है। जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि पड़ोसी जिले छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए है कि शहर के साथ-साथ ग्रामीणों क्षेत्रों की मटन-चिकन दुकानों के भी सैंपल लिए जाए, अगर कोई पॉजिटिव केस आया तो, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि अभी जबलपुर में किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नहीं है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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