जबलपुर डबल मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 माह के भीतर आरोपी को सुनाई फांसी की सजा, पढ़ें खबर

जबलपुर जिला कोर्ट ने महज 13 माह में फास्ट ट्रायल कर पत्नी और नाबालिग सौतेली बेटी के दोहरे हत्याकांड में आरोपी रामजी भूमिया को फांसी की सजा सुनाई।
Jabalpur District Court

जबलपुर में एक जघन्य दोहरे हत्याकांड के मामले में न्याय की रफ्तार ने सबको चौंका दिया है। जिला कोर्ट ने महज 13 माह के भीतर आरोपी रामजी भूमिया को फांसी की सजा सुनाई है, जिसने अपनी पत्नी और नाबालिग सौतेली बेटी को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया था। बरगी थाना क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात में शुक्रवार को राजेश कुमार यादव की कोर्ट ने आरोपी रामजी भूमिया को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड से दंडित किया। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह 13 माह में ही सुनवाई पूरी कर सजा सुनाना एक मिसाल बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

मामला बरगी थाना क्षेत्र के बसंत नगर का है, जहां 6 जून 2025 को फरियादी आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान ने बरगी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आशीष ने पुलिस को बताया था कि उसका सौतेला पिता रामजी भूमिया शराब के नशे में धुत होकर आए दिन उसकी मां राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो और बहन महक भूमिया के साथ मारपीट करता था। यही घरेलू हिंसा एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच गई, जब रामजी ने दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस को दी जानकारी के अनुसार, अंजुम बानो उर्फ राधा भूमिया ने करीब 10-12 साल पहले पहले पति राशिद शाह के छोड़ने के बाद बरगी निवासी रामजी भूमिया से दूसरी शादी की थी। राधा और उसकी बेटी महक, रामजी के साथ ही रहती थीं।

धारदार हथियार से मां और नाबालिग बेटी को उतारा मौत के घाट

घटना 6 जून 2025 की रात तकरीबन 9:30 बजे की है। आशीष भूमिया उस वक्त बाजार में था, तभी उसकी बहन महक का फोन आया। महक ने घबराते हुए कहा कि भैया जल्दी घर आओ, मम्मी और पापा लड़ रहे हैं। आशीष तुरंत घर पहुंचा तो उसने देखा कि रामजी और उसकी मां के बीच झगड़ा चल रहा था। आशीष ने दोनों को समझाया और स्थिति शांत होने पर घर के बाहर चला गया। लेकिन कुछ ही देर बाद महक के जोर से चीखने की आवाज आई। आशीष दौड़कर वापस आया तो अंदर का नजारा भयावह था। उसकी मां राधा और बहन महक दोनों खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं। आरोपी रामजी भूमिया हाथ में ‘बका’ (धारदार हथियार) लिए खड़ा था। आशीष को देखते ही वह मौके से फरार हो गया। इस बर्बर हमले में राधा भूमिया के कान, सिर और गले में गंभीर चोटें आईं, जबकि नाबालिग महक के सिर पर भी वार किया गया था। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद दोहरे हत्याकांड का मामला दर्ज किया और फरार आरोपी रामजी भूमिया की तलाश शुरू की। जल्द ही रामजी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103 और 109 के तहत मामला पंजीबद्ध कर कोर्ट में पेश किया गया। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गहन विवेचना निरीक्षक कमलेश चोरैया और जितेंद्र पाटकर ने की। जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दिक्षित के कुशल मार्गदर्शन में, अभियोजन की ओर से बबीता कुल्हारा ने कोर्ट में लगातार मजबूत पैरवी की। उन्होंने इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए रामजी भूमिया को फांसी की सजा सुनाई।

जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट

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