जबलपुर: जिले के कटंगी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छपरी में इन दिनों एक खूंखार सांड का खौफ पसरा हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ग्रामीण सांड को देखते ही अपने काम-काज छोड़कर जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, इस सांड ने अब तक गांव के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 10 से ज्यादा लोगों को अपना निशाना बनाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले यह सांड अचानक गांव में घुस आया और उसने लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। चाहे बच्चे स्कूल जा रहे हों या महिलाएं और बुजुर्ग घर के बाहर हों, यह सांड बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर देता है। इन हमलों में किसी का हाथ टूटा तो किसी के पैर में गंभीर चोटें आईं। गांव में डर का माहौल ऐसा है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।

दिव्यांग लड़के पर जानलेवा हमला

गांव में सांड के आतंक की सबसे भयावह घटना दो दिन पहले घटी। छपरी गांव के निवासी राम सिंह ने बताया कि रात करीब 1 बजे एक 12 वर्षीय दिव्यांग बालक जब घर के बाहर बाथरूम के लिए निकला, तो सांड ने उस पर हमला कर दिया।

“सांड ने बच्चे को उठाकर पटक दिया, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए और उसे करीब 13 टांके आए हैं। गनीमत रही कि बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार वाले लाठी लेकर दौड़े, जिसके बाद सांड भाग गया और बच्चे की जान बच गई।” — राम सिंह, स्थानीय ग्रामीण

इस घटना के बाद से ग्रामीणों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस सांड को नहीं पकड़ा गया तो यह किसी की जान भी ले सकता है।

प्रशासन ने लिया संज्ञान, रेस्क्यू टीम होगी रवाना

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर गांव के सरपंच और सचिव से भी शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और सांड को पकड़कर किसी गौशाला में छोड़ने की मांग की है।

मामले पर संज्ञान लेते हुए पाटन के एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया, “मुझे आज ही ग्राम छपरी में एक विशाल सांड के आतंक की जानकारी मिली है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। यह भी पता चला है कि उसने कुछ लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया है। आज ही जबलपुर से पशु चिकित्सा विभाग की टीम को बुलाकर सांड का रेस्क्यू करवाया जाएगा।” प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।