स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में इस वजह से पिछड़ा जबलपुर

स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में इस वजह से पिछड़ा जबलपुर

जबलपुर। संदीप कुमार।

जबलपुर में बीते दो माह से लगातर सीएए और एनआरसी का एक विशेष समुदाय के लोगों के द्वारा विरोध किया जा रहा है। शहर में कई बार उपद्रव के चलते हालात इतने बिगड़े की शहर के कुछ हिस्सों सहित जिले में इंटरनेट की सुविधा को भी बंद करना पड़ा है। जिसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी पड़ा है। दरअसल, स्वच्छता सर्वेक्षण लीग 2020 में शहर के आम नागरिकों से फीडबैक लिया जा रहा है पर नागरिकता संसोधन कानून का हो रहे विरोध के चलते इंटरनेट बंद किया गया। जिस कारण फीडबैक के टारगेट से जबलपुर शहर पिछड़ गया।

एक लाख 16 हजार का था फीडबैक टारगेट
स्वच्छता सर्वेक्षण लीग में जबलपुर शहर को अव्वल लाने के लिए आम लोगों को अपना अपना फीडबैक भी शहर की सफाई को लेकर देना था। इंटरनेट बन्द होने के चलते एक लाख 16 हजार लोगों में से सिर्फ 94 हजार नागरिक ही अपना फीडबैक दे सके। स्वच्छता सर्वेक्षण का प्रचार प्रसार में खर्च किए लाखो रु निगम ने-इंटरनेट ने अड़ाया रोड़ा।

स्वच्छता सर्वेक्षण लीग 2020 में शहर को नंबर वन बनाने के लिए नगर निगम ने पूरा जोर लगा दिया,सर्वेक्षण के समय शिफ्ट में कर्मचारियों की सफाई के लिए ड्यूटी लगाई गई।लाखो रु खर्च कर बैनर,पोस्टर, एलईडी,लगाई गई फिर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में इंटरनेट बंद होने के चलते नागरिक फीडबैक में शहर अटक गया।

फीडबैक में जबलपुर शहर चौथे नंबर पर

इंदौर……….2 लाख 32 हजार
ग्वालियर…..1 लाख 14 हजार
भोपाल…….1 लाख 12 हजार
जबलपुर……94 हजार

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