
Jabalpur News : मध्य प्रदेश में पेड़ों की कटाई के मामले में सरकार ने नियमों में संशोधन कर पेड़ों की कटाई की खुली छूट देती है। यह आरोप जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने लगाए है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, मध्य प्रदेश शासन ने भू राजस्व संहिता विविध नियम 2020 के नियम 75 में संशोधन कर तहसीलदार के स्थान पर ग्राम पंचायत को पेड़ों को काटने की अनुमति देने का अधिकार दे दिया है। यह संशोधन मध्य प्रदेश राजपत्र में 13 जनवरी 2023 को प्रकाशित हुआ। इसके बाद ग्राम पंचायतों में मौजूद जनप्रतिनिधियों को पेड़ों की काटने की खुली छूट मिल गई। संगठन के अध्यक्ष डॉ पी जी नाचपांडे ने सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी जुटाई है। जिसके तहत जबलपुर जिले में पिछले 1 महीने के अंदर ही चार ग्राम पंचायतों ने सैकड़ो की संख्या में पेड़ों को काटने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिसमें घुंसोर, नान्हाखेड़ा,बम्हनी और बीरनेर ग्राम पंचायत शामिल है इन ग्राम पंचायतों ने सागौन के पेड़ तक काटने की अनुमति दे दी।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नाच पांडे का कहना है कि सरकार ने जो संशोधन किया है उसका ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि फायदा उठा रहे हैं। और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का आदेश जारी कर रहे हैं सामाजिक कार्यकर्ता ने इस संशोधन में आपत्ति दर्ज करते हुए मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखा है और मांग की है कि संशोधन को तत्काल रद्द किया जाए। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने पेड़ों को काटने के संशोधन में बदलाव नहीं किया तो इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
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