Jabalpur News : NGT ने माँगा राज्य सरकार से जवाब, 19 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई।

Jabalpur News : NGT  ने माँगा राज्य सरकार से जवाब, 19 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर शहर की सीमा से डेयरियों को बाहर शिफ्ट न किए जाने पर एनजीटी (NGT) ने सख्ती दिखाई है, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) की भोपाल बैंच (Bhopal Bench) ने इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से 4 हफ्तों में जवाब मांगा है।

शादी से पहले कटरीना ले रही हैं खास डाइट, जानिए दुल्हन बनने से पहले क्या हैं इस डाइट के फायदे।

सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सरकार से पूछा है कि इसके पहले के आदेश के बावजूद भी डेयरियों को शहर से बाहर क्यों नहीं विस्थापित किया गया? साथ ही एनजीटी ने राज्य सरकार को हलफनामे पर जवाब पेश करने का आदेश दिया है और इसके लिए 4 हफ्तों का समय दिया है। एनजीटी ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है।

Sahara News : SAHARA निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, एक और FIR दर्ज।

एनजीटी में ये याचिका जबलपुर के नागिरक उपभोक्ता संघ ने दायर की थी,याचिका में कहा गया है कि डेयरियों को शहरी सीमा से बाहर शिफ्ट करने के आदेश के बावजूद आज भी जबलपुर की शहरी सीमा में 450 डेयरियां संचालित हैं, याचिका में कहा गया है कि डेयरियों के प्रदूषण से ना सिर्फ नदियां प्रदूषित हो रही हैं बल्कि मच्छरजन्य बीमारियां भी फैल रही हैं, फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews