
final decision on the candidature and eligibility of men in nursing college
Jabalpur High Court News : ज्योतिराज सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद खाली हुई सुमावली की सीट पर कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाह ने एंदल सिंह कंसाना को हराने के बाद यहां से विधायक बने थे। पर अब उनकी विधायकी खतरे में पड़ गई थी। लिहाजा ग्वालियर कि निचली अदालत ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह के मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी है। वहीं उनकी पत्नी को हाईकोर्ट से किसी तरह की राहत नहीं मिली है।
बेंच ने सुनवाई के बाद निचली अदालत के फ़ैसले पर लगाई रोक
सीनियर अधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि जस्टिस संजय यादव की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद निचली अदालत के फ़ैसले पर रोक लगा दी है। शशांक शेखर ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि जिस ज़मीन के फर्जीवाडे में विधायक अजब सिंह कुशवाहा के नाम को घसीटा जा रहा है उस जमीन में उनकी कोई भी भूमिका नहीं थी। कथित जमीन विधायक की पत्नी शीला कुशवाहा के नाम पर थी। सेल डीड की गवाही में भी विधायक का नाम नहीं था।
सजा पर लगी रोक
सीनियर वकील शशांक शेखर ने तर्क रखा कि एमपीएमएलए कोर्ट द्वारा विधायक को दो साल की सजा से उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है, यही नहीं उनकी विधानसभा की सदस्यता भी जा सकती है लिहाजा पिछ्ले आदेश पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद हाई कोर्ट ने आगामी आदेश तक विधायक अजब सिंह कुशवाहा की सजा पर रोक लगा दी है।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
