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किसानों के लिए आफत बनकर आई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, फसलें बर्बाद, मुआवजा देने की मांग

Written by:Amit Sengar
Published:
प्रशासन जल्दी सर्वे का काम तेजी से कार्य कराए ताकि किसानों को उचित क्षतिपूर्ति मिल सके।
किसानों के लिए आफत बनकर आई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, फसलें बर्बाद, मुआवजा देने की मांग

Jabalpur News : मध्य प्रदेश संस्कारधानी जबलपुर जिले में बिन मौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के माथे में चिंता की लकीर खींच दी है। क्योंकि धान खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ी लाखों क्विंटल धान बर्बाद हो गई है तो वहीं ओलावृष्टि की वजह से खेतों में लगी फसलों को भी हानि पहुंची है।

इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बारिश और ओलावृष्टि की चलते गेहूं, चना और मसूर की फसले प्रभावित हुई है। लिहाजा किसानों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उनके द्वारा प्रशासन से मांग की जा रही है कि सर्वे करा कर उनको मुआवजा प्रदान किया जाए।

भारतीय किसान संघ के प्रचार प्रमुख ने जानकारी देते हुए बताया कि बिन मौसम बारिश के कारण किसानों की चना, गेहूं और मसूर की फसलों में काफी भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है। लिहाजा मांग की जा रही है कि प्रशासन बिन बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान करे।

नुकसान का सर्वे कराए प्रशासन

आगे उन्होंने बताया कि बिन मौसम हुई बारिश एवं ओलावृष्टि का असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला है। बारिश के साथ कई स्थानों पर गिरे ओले फसलों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हुए हैं। जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिसके चलते अब उन्हें प्रशासनिक मदद की जरूरत है।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा ने कहा कि जब तक क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे नहीं होगा तब तक नुकसान का आंकलन नहीं किया जा सकता। लिहाजा प्रशासन जल्दी सर्वे का काम तेजी से कार्य कराए ताकि किसानों को उचित क्षतिपूर्ति मिल सके।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

Amit Sengar
लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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