जबलपुर मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर सिहोरा तहसील के आजाद वार्ड में गुरुवार को दो पक्षों के बीच विवाद ने उग्र रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और क्षेत्र में जमकर पथराव हुआ। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
पुलिस के अनुसार, घटना में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
आरती और अजान के समय को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, आजाद वार्ड स्थित दुर्गा मंदिर में प्रतिदिन की तरह आरती हो रही थी। उसी समय पास की मस्जिद से अजान भी चल रही थी। आरती समाप्त होने के बाद जैसे ही श्रद्धालु मंदिर से बाहर निकले, मस्जिद का गेट खुला और कथित रूप से 50 से अधिक लोगों की भीड़ बाहर आई। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट और पथराव में बदल गई।
स्थानीय निवासी और दुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके एक साथी के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। उनका कहना है कि मस्जिद परिसर में निर्माण कार्य के चलते पड़े पत्थरों का उपयोग पथराव में किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए।
प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सिहोरा, खितौला, गोसलपुर और पनागर सहित एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, डीआईजी अतुल सिंह, एसपी संपत उपाध्याय स्वयं टीम के साथ मौजूद रहे। कलेक्टर ने बताया कि पुलिस के पहुंचते ही हालात पर काबू पा लिया गया। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सिहोरा के आजाद चौक और आसपास के इलाकों में फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
रामेश्वर शर्मा ने दी चेतावनी
इस घटना पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि धार्मिक आयोजनों में विघ्न डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और राज्य सरकार ने इस मामले में कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कट्टरपंथी तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।






