जबलपुर में आवारा कुत्ते का आतंक, ढाई माह की बच्ची को मुंह में दबाकर भागा, दो बहनें घायल

जबलपुर के पाटन इलाके में आवारा कुत्ते ने दो मासूम बहनों पर हमला कर दिया। मां की हिम्मत से बच्चियों की जान बच गई, लेकिन घटना ने शहर और गांव में बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे को फिर उजागर कर दिया।
जबलपुर में आवारा कुत्ते का आतंक, ढाई माह की बच्ची को मुंह में दबाकर भागा, दो बहनें घायल

जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक आवारा कुत्ते ने दो छोटी बहनों पर हमला कर दिया। बड़ी बहन घर के बाहर खेल रही थी, तभी कुत्ते ने उसे बुरी तरह नोंचना शुरू कर दिया। इसके बाद कुत्ता कमरे में घुसा और ढाई माह की मासूम बच्ची को जबड़े में दबोचकर भाग गया।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मां की बहादुरी और गांव वालों की मदद से दोनों बच्चियों की जान तो बच गई, लेकिन उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पाटन के आगासौद गांव की घटना

यह मामला जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र के आगासौद गांव का है। यहां मजदूरी करने वाला एक परिवार खेत के पास बने झोपड़ीनुमा कच्चे घर में रहता है। मां सुलोचना भवेदी ने बताया कि वह अपने पति नरेश और दो बेटियों के साथ खेतों में मजदूरी करती हैं। किसान ने उन्हें रहने के लिए छोटा सा कच्चा घर दिया हुआ है। परिवार की बड़ी बेटी प्राची की उम्र तीन साल है, जबकि छोटी बेटी पूर्वी सिर्फ ढाई माह की है।

बड़ी बेटी पर पहले किया हमला

घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। उस समय बड़ी बेटी प्राची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्ते ने प्राची के चेहरे और शरीर को बुरी तरह नोंचना शुरू कर दिया। बेटी की चीख सुनकर मां सुलोचना तुरंत बाहर दौड़ी। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की।

कमरे में घुसकर छोटी बच्ची को उठा ले गया कुत्ता

जब मां बड़ी बेटी को बचाने में लगी थी, तभी कुत्ता अचानक घर के अंदर घुस गया। कमरे में ढाई माह की मासूम पूर्वी सो रही थी। कुत्ते ने उसे जबड़े में दबोचा और वहां से भागने लगा। यह देखकर मां घबरा गई और कुत्ते के पीछे दौड़ी। काफी कोशिश के बाद उन्होंने बच्ची को कुत्ते के मुंह से छुड़ाया।

गांव वालों ने पहुंचाई अस्पताल

घटना के बाद गांव के लोगों ने परिवार की मदद की। स्थानीय निवासी रजनेश दुबे ने तुरंत दोनों बच्चियों को निजी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल डॉक्टर दोनों का इलाज कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चियों की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन इलाज जारी है।

मां की बहादुरी से बची जान

गांव के लोग सुलोचना की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। अगर मां समय पर बाहर नहीं आती, तो यह घटना और भी बड़ी हो सकती थी। लोगों का कहना है कि जिस तरह मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना दोनों बच्चियों को बचाया, वह किसी साहस से कम नहीं है।

आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक

इस घटना के बाद एक बार फिर जबलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों का मुद्दा चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव और शहर दोनों जगह आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। लोगों का आरोप है कि सड़क पर घूमने वाले कई कुत्ते अब आक्रामक हो चुके हैं और बच्चों पर हमला कर रहे हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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