जिले के कुंडम स्थित आदिवासी छात्रावास में पांच महीने पहले हुई 14 वर्षीय छात्र राजकुमार धुर्वे की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। एक लंबी जांच के बाद यह खुलासा हुआ है कि छात्र की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि छात्रावास अधीक्षक द्वारा लाए गए घटिया और दूषित भोजन खाने से हुई थी। इस मामले में कुंडम थाना पुलिस ने आरोपी हॉस्टल अधीक्षक गजेंद्र झारिया के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना 21 अगस्त की है, जब कुंडम के हरदुली आदिवासी छात्रावास में कक्षा नौवीं के छात्र राजकुमार धुर्वे की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराया और बिसरा को जांच के लिए जबलपुर की रीजनल फॉरेंसिक लैब (RFSL) भेजा। कई महीनों की जांच और डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट के बाद RFSL ने स्पष्ट किया कि राजकुमार की मौत का कारण दूषित भोजन था। जांच में यह भी पता चला कि 20 अगस्त को मृतक छात्र समेत कुल 13 छात्रों ने छात्रावास में बना खाना खाया था, जिसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई थी।
अधीक्षक खुद लाता था घटिया खाद्य सामग्री
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रावास का अधीक्षक गजेंद्र झारिया अक्सर अपनी ड्यूटी से नदारद रहता था और छात्रावास की देखरेख में लापरवाही बरतता था। वह खुद ही घटिया किस्म का गेहूं, आटा, चावल और दाल खरीदकर लाता था और कर्मचारियों पर दबाव डालकर उसे छात्रों के लिए बनवाता था। घटना के बाद खाद्य विभाग की टीम ने भी छात्रावास से खाद्य सामग्री के नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट में उन्हें निम्न गुणवत्ता वाला पाया गया था।
FIR दर्ज, आरोपी की तलाश जारी
सभी सबूतों और जांच रिपोर्टों के आधार पर कुंडम पुलिस ने अधीक्षक गजेंद्र झारिया को छात्र की मौत का जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। इस घटना ने आदिवासी छात्रावासों में छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संदीप कुमार





