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3 महीने की पर्ची पर एक माह का राशन, बारिश में ग्रामीणों ने 4 घंटे तक किया चक्का जाम

Written by:Ankita Chourdia
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जबलपुर के कैमोरि गांव में राशन वितरण में धांधली से नाराज ग्रामीणों ने पाटन-कटंगी रोड पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सेल्समैन तीन महीने की पर्ची लेकर सिर्फ एक महीने का अनाज दे रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
3 महीने की पर्ची पर एक माह का राशन, बारिश में ग्रामीणों ने 4 घंटे तक किया चक्का जाम

जबलपुर: सरकारी राशन वितरण में कथित धांधली को लेकर जबलपुर के कैमोरि गांव में रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। तीन महीने की पर्ची पर सिर्फ एक महीने का राशन दिए जाने से नाराज लोगों ने मूसलाधार बारिश के बीच पाटन-कटंगी मार्ग पर लगभग चार घंटे तक चक्का जाम किया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

यह प्रदर्शन उस वक्त शुरू हुआ जब सरकारी राशन दुकान के सेल्समैन अखिलेश यादव ने अनाज बांटना शुरू किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वह लंबे समय से राशन वितरण में अनियमितता कर रहा था। रविवार को जब उसने तीन महीने की पर्ची कटवाकर केवल एक महीने का अनाज दिया तो लोगों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सेल्समैन पर नशे में राशन बांटने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सेल्समैन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सेल्समैन अक्सर शराब के नशे में राशन बांटता है और लोगों से दुर्व्यवहार करता है। मुख्य आरोप यह है कि वह सरकारी योजना का दुरुपयोग कर गरीबों के हक का अनाज हड़प रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह समस्या काफी समय से बनी हुई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुआ जाम

लगभग चार घंटे तक चले इस चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। हालांकि, हंगामे की भनक लगते ही आरोपी सेल्समैन दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा।

शुरुआत में ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और जाम खोलने को तैयार नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा काफी देर तक समझाइश देने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद वे शांत हुए। नायब तहसीलदार ने कहा, “पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। यह घटना सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

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