कुख्यात बदमाश की मौत की न्यायिक जांच शुरू, पुलिसकर्मियों के भी होंगे बयान

कुख्यात बदमाश की मौत की न्यायिक जांच शुरू, पुलिसकर्मियों के भी होंगे बयान

जबलपुर| संदीप कुमार| Jabalpur News कुख्यात बदमाश शुभम बागरी के द्वारा पुलिस की मौजूदगी में आत्महत्या करना किसी को भी रास नहीं आ रहा है | लिहाजा पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने भी इस पूरे घटनाक्रम की न्याययिक जाँच (Judicial inquiry) की मांग की थी। अब इस पूरी घटना की न्यायिक जांच अपर सत्र न्यायाधीश हरीश वनवंशी ने शुरू कर दी है। न्यायिक जांच कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश ने घटनास्थल का मुआयना किया और परिजनों के बयान भी दर्ज किए वहीं उनकी निगरानी में ही कल मृतक का पीएम करवाया गया था।

अपर सत्र न्यायाधीश ने डॉक्टरों से भी बातचीत भी की थी। इस पूरे मामले में निलंबित किए गए साइबर टीम के सदस्यों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। मृतक शुभम को जो गोली लगी थी वह उसके कान की ओर से घुसी और दूसरी तरफ कनपटी में छेद करते हुए साइबर टीम के वाहन में लग गई थी। गोली चलने के दौरान सिविल लाइन थाने में हुई घटना के बाद सनसनी फैल गई थी। घटना के दौरान मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। गौरतलब है कि शुभम बागरी हनुमानताल थाना क्षेत्र का शातिर बदमाश था जिसे की मंगलवार की रात को आईजी साइबर टीम ने विजयनगर से पकड़ा था और हथियारों की बरामदगी के लिए सिविल लाइन जा रहे थे उसी दौरान यह पूरा घटनाक्रम हो गया।बहरहाल शुभम बागरी की मौत कैसे हुई उससे पर्दा न्यायिक जांच के खत्म होने के बाद ही उठेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews