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सरकार के फैसले के विरोध में एमपी नर्सिंग होम एसोसिएशन, 8 अक्टूबर से आयु्ष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करने का ऐलान

एमपी नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अमरेन्द्र पांडे ने कहा कि सरकार ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए 7 करोड़ में से साढ़े पांच करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड बांट दिया है रईस व्यक्ति पर भी आयुष्मान कार्ड है।
Ayushman Bharat Card

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मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ ले रहे करोड़ों कार्ड धारकों के लिए ये चिंताजनक खबर है, एमपी नर्सिंग होम एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त इलाज वे नहीं करेंगे,  एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ हड़ताल पर जाने के भी संकेत दिए हैं।

मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन ने प्रदेश के 4 महानगरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में आयुष्मान योजना के इम्पैनेल्ड अस्पतालों के लिए NABH  (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers, नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स)  सर्टिफिकेट की अनिवार्य करने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि 8 अक्टूबर से सभी निजी अस्पताल,  आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज नहीं करेंगे।

NABH सर्टिफिकेट के विरोध में निजी अस्पताल 

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमरेंद्र पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार कर रही है, हमारे ऊपर जबरन  NABH सर्टिफिकेट थोपा जा रहा है,  एसोसिएशन ने एमपी के सिर्फ 4 शहरों में ही एनएबीएच सर्टिफिकेशन अनिवार्य करने और बाकी जिलों में इसकी छूट देने पर सवाल उठाए है,  एसोसिएशन का कहना है कि छोटे अस्पताल एनएबीएच सर्टिफिकेशन के लिए ज़रुरी लाखों रुपयों का ख़र्च नहीं उठा पाएंगे इसे वापस लेना होगा।

8 अक्टूबर से आयुष्मान का मुफ्त इलाज नहीं करने का फैसला 

डॉ पांडेय ने कहा  मुद्दा सिर्फ NABH ही नहीं है हमारा करोड़ों रुपये सरकार पर बकाया है वो हमें मिल नहीं रहे फिर भी हम मरीज हित में इलाज कर रहे हैं, उन्होंने कहा यदि सरकार पैसा नहीं दे सकती तो निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर कर दें उन्होंने कहा यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती अपने फैसले को वापस नहीं लेती तो 8 अक्टूबर से आयुष्मान का मुफ्त इलाज नहीं करेंगे।

सांकेतिक हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी 

डॉ पांडेय ने कहा एसोसिएशन सांकेतिक हड़ताल पर जाने का फैसला भी कर सकती है लेकिन इस दौरान मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, उन्होंने कहा करीब 70 प्रतिशत मरीज निजी अस्पतालों पर निर्भर है। हम उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे लेकिन सरकार के सामने भी घुटने नहीं टेकेंगे, उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर से  प्रदेश के चारों महानगरों में आयुष्मान योजना में इलाज के लिए अस्पतालों को एनएबीएच सर्टिफाई होने का नियम लागू कर दिया है जिसका  निजी अस्पताल विरोध कर रहे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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