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एमपी शिक्षक ई अटेंडेंस मामला, हाई कोर्ट ने राज्य शासन से एक सप्ताह में मांगा जवाब

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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पिछली सुनवाई के निर्देशों के चलते आज याचिकाकर्ता शिक्षकों ने शपथ पत्र पर अपना जवाब पेश किया इसमें शिक्षकों ने ई अटेंडेंस एप से निजी डेटा लीक होने की चिंता जताई।
एमपी शिक्षक ई अटेंडेंस मामला, हाई कोर्ट ने राज्य शासन से एक सप्ताह में मांगा जवाब

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए ई अटेंडेंस की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका  पर आज एक बार फिर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, याचिकाकर्ता शिक्षकों ने शपथपत्र पर पेश अपना जवाब पेश किया, याचिकाकर्ता शिक्षकों के जवाब के बस राज्य शासन ने अपना जवाब पेश करने के लिए अदालत से समय मांगा, कोर्ट ने शासन को एक सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के लिए ई अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है और जो शिक्षक ई अटेंडेंस नहीं लग आरहे उनके वेतन आहरण में परेशानी आ रही है उसे रोका जा रहा है, शिक्षक इस नियम को व्यावहारिक नहीं मान रहे उनका कहना है कि तकनीकी दिक्कतों और निजी डाटा सुरक्षा के चलते इसे बंद किया जाना चाहिए।

निजी डाटा लीक होने की चिंता जताई शिक्षकों ने  

इसी मामले को लेकर 27 शिक्षकों ने एक याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दाखिल की है जिसपर सुनवाई चल रही है, आज एक बार फिर इस मामले पर सुन्विया हुई, पिछली सुनवाई के निर्देशों के चलते आज याचिकाकर्ता शिक्षकों ने शपथ पत्र पर अपना जवाब पेश किया इसमें शिक्षकों ने ई अटेंडेंस एप से निजी डेटा लीक होने की चिंता जताई।

24 नवम्बर को होगी अगली सुनवाई 

शिक्षकों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने  राज्य सरकार से जवाब मांगा जिस पर सरकार की तरफ से पेश वकील ने  जवाब के लिए कोर्ट से समय मांगा, हाई कोर्ट ने सरकार को 1 हफ्ते में जवाब पेश करने का आदेश दिया, अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवम्बर को होगी ।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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