जबलपुर में देशभक्ति का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां नर्मदा नदी की लहरों पर तैराकों ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा निकाली। जिलहरी घाट से तिलवारा घाट के बीच बड़ी संख्या में तैराक नदी में उतरे और तिरंगा लहराते हुए आगे बढ़े।
नर्मदा की लहरों के बीच जब एक साथ कई तिरंगे दिखाई दिए तो पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। यात्रा में शामिल लोगों के चेहरे पर उत्साह साफ नजर आया। खास बात यह रही कि इस यात्रा में उम्र की कोई सीमा नहीं दिखी। 5 साल के बच्चे से लेकर 75 साल तक के बुजुर्ग भी इसका हिस्सा बने।
नर्मदा की लहरों पर निकली अनोखी तिरंगा यात्रा
जबलपुर में नर्मदा नदी के जिलहरी घाट से तिलवारा घाट के बीच तिरंगा यात्रा निकाली गई। आमतौर पर तिरंगा यात्रा सड़क पर बाइक, पैदल या वाहनों के साथ देखने को मिलती है, लेकिन यहां इसका तरीका बिल्कुल अलग था। तैराक नर्मदा की लहरों में उतरे और हाथों में तिरंगा लेकर नदी में आगे बढ़ते गए।
नदी की लहरों के बीच तिरंगे को संभालते हुए तैराकों ने यात्रा पूरी की। इस दौरान उनके अंदर गजब का उत्साह दिखाई दिया। कई तैराक पूरे जोश के साथ तिरंगा लहराते नजर आए। नर्मदा के पानी और उसके बीच दिखाई देते तिरंगे ने इस यात्रा को खास बना दिया।
18 साल से लगातार निकल रही अखंड भारत तिरंगा यात्रा
जबलपुर की नर्मदा तिरंगा यात्रा कोई नई शुरुआत नहीं है। यह यात्रा पिछले 18 सालों से लगातार निकाली जा रही है। इतने लंबे समय से इसका जारी रहना बताता है कि लोगों का इससे जुड़ाव कितना मजबूत है।
हर साल अलग-अलग उम्र के लोग इसमें शामिल होते हैं। यहां तैराकी केवल एक खेल या अभ्यास तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसे देशभक्ति के संदेश से जोड़ा जाता है। तिरंगे के साथ नर्मदा की लहरों पर उतरने वाले लोग देश की एकता और अखंडता का संदेश देते हैं।
उफनती नर्मदा में तिरंगा लेकर तैरते नजर आए तैराक
नर्मदा नदी की लहरों के बीच तिरंगा लेकर तैरना आसान काम नहीं है। तैराकों ने पानी में उतरकर राष्ट्रीय ध्वज को हाथों में थामा और यात्रा के रास्ते पर आगे बढ़े। इस दौरान उनके अंदर देशभक्ति के साथ उत्साह भी नजर आया।
नदी में तैरते समय तिरंगे को संभालना अपने आप में चुनौती वाला काम है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में तैराक इस यात्रा में शामिल हुए। नर्मदा की लहरों पर तिरंगा लेकर आगे बढ़ते तैराकों ने आयोजन को अलग पहचान दी।
वंदना झा की रिपोर्ट।






