NCRB का खुलासा- अवैध शराब से रोजाना हो रही एक मौत

mp-I-will-not-addicted-Government-will-fill-resolution-letter

जबलपुर।
कुपोषण, किसानों की मौत और अपराधों में नंबर वन होने के बाद अब मध्यप्रदेश अवैध शराब से होने वाली मृत्यु के मामले में देश भर में अव्वल आयाहै। इसका खुलासा नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो से हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद से ही आबकारी विभाग और पुलिस पर सवाल उठना शुरु हो गए है।हैरानी की बात तो ये है कि आंकड़े उस वक्त सामने आए है जब प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है।

दरअसल, अवैध शराब से होने वाली मृत्यु के मामले में मध्यप्रदेश देश भर में अव्वल आया है।नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के बाद से ही आबकारी विभाग और पुलिस पर सवाल उठना शुरु हो गए है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में देश मे 1365 लोगों की जान गई है।प्रदेश में अबतक 410 लोगों की जान गई है।औसतन प्रदेश में रोजाना एक से अधिक मौत हो रही है। रिपोर्ट आने के बाद नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने आबकारी विभाग और पुलिस पर सवाल उठाना शुरु कर दिया है। मंच ने आबकारी विभाग और पुलिस पर मिली भगत का आरोप लगाया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews