यातायात नियमों की कभी भी अनदेखी न करें, क्योंकि जिंदगी है अनमोल : एडीजी डीसी सागर

यातायात नियमों की कभी भी अनदेखी न करें, क्योंकि जिंदगी है अनमोल : एडीजी डीसी सागर

जबलपुर, संदीप कुमार| जीवन मे यातायात नियमों का पालन करना नितांत आवश्यक है। यातायात नियमों की कभी भी अनदेखी न करें, क्योंकि जिंदगी अनमोल है। संस्कारधानीवासियों से अनुरोध है कि वाहन चलाते समय हमेशा यातायात नियमों का पालन करें। मुझे पूरी उम्मीद है कि ये जो यातायात जागरूकता माह है, उसका प्रभाव आम जनता पर न सिर्फ पडेगा बल्कि उस पर अमल भी किया जाएगा उक्त विचार 32वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगो को जागरूक करने हेतु रथ एवं पैदल रैली के आयोजन अवसर पर जबलपुर पहुंचे एडीजी डीसी सागर (पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) ने कहे|

इस दौरान वृहद पैदल रैली के साथ भोपाल पीटीआरआई से शहर पहुंचा अश्वमेघ यज्ञ सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा रथ को आईजी भगवत सिंह चौहान, पुलिस कप्तान सिद्धार्थ बहुगुणा एवं परियोजना निदेशक सोमेश बांझल की उपस्थिति में हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया गया|

रैली विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए भंवरताल गार्डन पहुंचकर समाप्त हुई। कार्यक्रम में एएसपी यातायात डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, डीएसपी पंकज परमार, मधुकर चौकीकर, बीएस सलोकी, रक्षित निरीक्षक सौरभ तिवारी, एनजीओ विजन के सदस्य, युवा ट्राफिक फोर्स एंव स्कूलों के विद्धार्थियों सहित एनसीसी/स्काउट गाईड के छात्र समेत पुलिस अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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