एक माह बाद भी नही मिली डेढ़ साल की बच्ची,सुराग देने वाले को 25 हजार रुपए ईनाम देने का ऐलान

एक माह बाद भी नही मिली डेढ़ साल की बच्ची,सुराग देने वाले को 25 हजार रुपए ईनाम देने का ऐलान

जबलपुर।संदीप कुमार

रहस्यमय ढंग से गायब हुई डेढ़ साल की बच्ची का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। मासूम के गायब होने के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। जबकि बच्ची की तलाश में जबलपुर पुलिस की कई टीमें दिन रात हाथ पैर मार रही है। लेकिन उन्हें बच्ची का कोई भी सुराग अब तक नहीं लगा है।अब ऐसे में जबलपुर पुलिस ने देविका का सुराग देने वाले को 25 हजार रुपए ईनाम देने का ऐलान किया है। दरअसल एक महीने पहले जबलपुर के भैरव नगर में रहने वाले सोनू वाल्मीकि के घर से उसकी डेढ़ साल की मासूम बेटी देविका बीती 16 जनवरी को अचानक रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। जब वह अपने माता-पिता के साथ सो रही थी,तभी अज्ञात आरोपी देविका को उठाकर ले गया था। जिसके बाद सोनू वाल्मीकि ने घर से देविका के गायब होने की शिकायत तिलवारा थाना पुलिस से की थी।

जिसके बाद तिलवारा पुलिस ने सोनू की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर देविका की तलाश में जुटी है। लेकिन प्रदेश की सबसे तेज़ पुलिस होने का दावा करने वाली जबलपुर पुलिस मासूम देविका का अब तक पता नहीं लगा सकी है। जबकि देविका की तलाश में जबलपुर पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीम के साथ मुखबिरों की मदद तो ले ली रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन,बस स्टैंड,चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालें के साथ भैरव नगर की सीवर लाइन को भी साफ करवा कर देख भी चुकी है। साथ ही परिजनों के शक के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर चुकी है।

घटना का रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है,ताकि उनके आधार पर कुछ ऐसा उसके हाथ लग सकें, जिससे देविका तक पहुंचा जा सकें,लेकिन इन सबके बाद भी पुलिस को ऐसा कोई क्लू नही मिल पाया है…क्योंकि एक माह बाद भी परिजनों के पास फिरौती के लिए कोई डिमांड नहीं आई है, हालांकि पुलिस अधिकारी दावा कर रहे है कि वह जल्द देविका को ढूढ़ निकालेगें,लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा है…वैसे वैसे देविका के परिवार की चिंता और बढती जा रही है…जिसे देखते हुए पुलिस ने मासूम देविका का सुराग देने वाले को 25 हजार रुपए देने का ऐलान किया है,लेकिन अब देखना है कि एक लाडली का पता पुलिस कब तक लगा पाती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews