छह माह पूर्व हुए हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा

छह माह पूर्व हुए हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा

जबलपुर।संदीप कुमार।

ग्राम बिलगड़ा में छह माह पूर्व हुई रामकुमार पटेल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।हत्यारा मृतक का भतीजा निकला जिसने की जादू टोने की शक के चलते कुल्हाड़ी से रामकुमार की हत्या की थी।

हत्या का खुलासा करते हुए asp डॉ संजीव कुमार ने बताया कि 30 अगस्त 2019 को गौ मुख तिराहे के पास नाले में एक बुजुर्ग की रक्तरंजिश लाश मिली थी जिसकी शिनाख्त रामकुमार पटेल के रूप में हुई। मृतक के शरीर मे कई चोटे भी लगी थी। इस अज्ञात हत्याकांड के आरोपी पर एसपी अमित सिंह ने 10 हजार रु का ईनाम भी घोषित किया था।

पुलिस की जाँच में सामने आया कि एक साल पहले मृतक रामकुमार पटेल के बड़े भाई रामफल के लड़के मंजीत पटेल की मृत्यु हो गई थी और रामफल भी अक्सर बीमार रहता था। प्रदीप पटेल को शक था कि रामकुमार ने जादू टोना कर उसके घर मे ये सब किया है।इसके बाद से अक्सर रामकुंमार और प्रदीप के बीच विवाद होने लगा।पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रदीप ने ही कुल्हाड़ी से रामकुंमार की हत्या की थी।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि 29 अगस्त की रात को प्रदीप गौ मुख तिराहे के पास खड़े होकर इंतजार कर रहा था।जैसे ही मृतक साइकिल से वहाँ पहुँचा तभी प्रदीप ने सिर,कंधे और पीठ पर कुल्हाड़ी से वार कर उसे घायल हालत में नाले में फेंककर कर भाग गया।फिलहाल छह माह बाद क्राइम ब्रांच और बरेला थाना पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews