पुलिस ने किया देविका हत्याकांड का खुलासा, पिता ही निकला अपनी बच्ची का हत्यारा

पुलिस ने किया देविका हत्याकांड का खुलासा, पिता ही निकला अपनी बच्ची का हत्यारा

संदीप कुमार।जबलपुर

16 जनवरी को भैरव नगर पहले अपहरण और फिर उसकी हत्या के मामले की जबलपुर पुलिस ने गुत्थी सुलझा ली है।पुलिस ने 16 माह की बच्ची के हत्या के आरोप में पिता मोनू वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है।16 माह की देविका की हत्या करने की वजह आरोपी का अपनी पति के चरित्र पर संदेश करना बताया जा रहा है।

देविका हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी अमित सिंह ने बताया की आरोपी मोनू बाल्मीक को अपनी पत्नी के चरित्र पर हमेशा से ही शक रहता था।बताया जा रहा है कि जिस समय देविका अपनी माँ की गर्भ में थी उस समय मोनू 376 के मामले में जेल में सजा काट रहा था । आरोपी की अपनी पत्नी से हमेशा इस बात को लेकर विवाद होता था कि देविका उसकी बेटी नही है।

घटना वाले दिन भी आरोपी का अपनी पत्नी से विवाद हुआ इसी विवाद के चलते मोनू में देविका का गला दबा दिया।गला दबाते ही देविका शांत हो गई,मोनू को लगा कि देविका की मौत हो गई जिसके बाद आरोपी बच्ची को लेकर रात को ही सीधे अपने घर से निकला और पीछे की तरफ गया जहाँ बच्ची के शव को एक बड़े पत्थर से बांध कर कुँए में फेंक दिया।

इस वारदात को अंजाम देने के बाद मोनू घर आकर अपनी पत्नी को भी धमकाया और चुप रहने की धमकी दी।अगले दिन मोनू ने अपने घर में कुछ इस तरह का माहौल बनाया की किसी ने देविका का अपहरण कर लिया है।बहरहाल 16 जनवरी को हुई इस रहस्यमय हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस इस कैश को फ़ास्ट ट्रायल कोर्ट में पेश कर आरोपी को फाँसी की सजा दिलवाएगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews