जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि विवाद के दौरान उसके रिश्तेदारों ने उसके साथ मारपीट की। महिला के मुताबिक, उसकी मामी ने उसके हाथ पकड़ लिए जबकि मामा के बेटे ने उसके पेट पर जोरदार लात मारी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला का कहना है कि इस घटना में उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
घटना के बाद महिला का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज में करीब एक सप्ताह तक चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह न्याय की मांग लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। पीड़िता का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में पहले ही मझौली थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की जांच जारी है।
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि पारिवारिक जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था। इसी विवाद के दौरान कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया। महिला का कहना है कि हमले के दौरान उसके पेट पर जानबूझकर हमला किया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। महिला का दावा है कि इसी घटना के कारण उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हुई।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गर्भस्थ शिशु की मौत का कारण अभी जांच का विषय है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टरों की राय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि घटना और गर्भस्थ शिशु की मौत के बीच सीधा संबंध है या नहीं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है। अब जांच का सबसे अहम आधार मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य होंगे। यदि जांच में महिला के लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर भी केस को आगे बढ़ाया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिला से जुड़े मामलों में हर पहलू की सावधानी से जांच की जाती है, क्योंकि ऐसे मामलों में मेडिकल साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिलहाल पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस संवेदनशील मामले पर सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय होगी। वहीं पीड़ित महिला न्याय की उम्मीद में प्रशासन से लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है।






