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रीवा जैन साध्वी हादसे पर फूटा जनाक्रोश, जबलपुर की सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Written by:Bhawna Choubey
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रीवा में जैन साध्वियों को कार से कुचलने की घटना के विरोध में जबलपुर में जैन समाज का बड़ा प्रदर्शन हुआ। मौन जुलूस निकालकर लोगों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई और देशभर में संत सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की।
रीवा जैन साध्वी हादसे पर फूटा जनाक्रोश, जबलपुर की सड़कों पर उतरे हजारों लोग

मध्य प्रदेश के रीवा में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है। 20 मई को पैदल विहार कर रहीं तीन जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया था। इस हादसे में दो साध्वियों का देवलोकगमन हो गया, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद से पूरे प्रदेश में गुस्सा और दुख का माहौल बना हुआ है।

इसी घटना के विरोध में सोमवार को जबलपुर में जैन समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और देशभर में संत सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की।

कमानिया गेट से घंटाघर तक निकला विशाल मौन मार्च

सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे जबलपुर के ऐतिहासिक कमानिया गेट पर बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी इकट्ठा हुए। ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान’ के तहत आयोजित इस मौन जुलूस में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोग शांतिपूर्वक शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर पहुंचे।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने किसी तरह की नारेबाजी नहीं की, लेकिन उनकी आंखों में गुस्सा और दुख साफ दिखाई दे रहा था। कई लोग सफेद वस्त्र पहनकर साध्वियों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। घंटाघर पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

जैन समाज की मुख्य मांगें क्या हैं?

प्रदर्शन के दौरान जैन समाज ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं। सबसे बड़ी मांग यह रही कि रीवा हादसे के आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। समाज के लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर कठोर सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई ऐसी गलती करने की हिम्मत न करे।

इसके अलावा हाल ही में ग्राम देवरान में हुई 11 जैन प्रतिमाओं की चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग भी उठाई गई। समाज ने देशभर में “संत सुरक्षा कानून” लागू करने की भी अपील की। लोगों का कहना है कि पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था होना जरूरी है।

मानवता को शर्मसार करने वाली घटना

जुलूस में शामिल लोगों ने रीवा हादसे को बेहद दर्दनाक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जैन साध्वी पूरी तरह अहिंसक और तपस्वी जीवन जीती हैं। ऐसे संतों को सड़क पर कुचल देना सिर्फ हादसा नहीं माना जा सकता।

कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर साधु-संत सुरक्षित नहीं रहेंगे तो समाज में डर और असुरक्षा बढ़ेगी। लोगों ने सरकार से मांग की कि धार्मिक यात्राओं और पैदल विहार के दौरान संतों के लिए सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य की जाए।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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