अमृत योजना के तहत बनी ये 16 टंकियां जनता की नजरों में सिर्फ सफेद हाथी

अमृत योजना के तहत बनी ये 16 टंकियां जनता की नजरों में सिर्फ सफेद हाथी

जबलपुर, संदीप कुमार।
जबलपुर शहर में गर्मी हो या ठंड हर मौसम में पानी की लिए जनता को तरसना पड़ता है ऐसे में जबलपुर नगर निगम ने समूचे शहर में अमृत योजना के तहत पानी की 16 टंकियां बनवाई है निगम का उद्देश्य है कि अमृत योजना के तहत बनी टंकियों से जनता के लिए अमृत बरसेगा पर बीते कई सालों से खड़ी ये पानी की टंकियां जनता की नजरों में पानी की टंकी नही दिखावे का सफेद हाथी बनकर रह गई है।

केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत बनी है 16 पानी की टंकी
नगर निगम के जल विभाग ने शहर के अलग-अलग वार्डो में पानी की 16 बड़ी पानी की टंकियां बनवाई है ये टँकी अगर सफल हुई तो आने वाले समय मे जबलपुर शहर में पानी की किल्लत काफी हद तक दूर हो जाएगी ।पर असल मे बीते 3 सालों से तैयार खड़ी ये पानी की टंकी चुनावी मुद्दा बनकर रह गई है।चाहे लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हो या फिर नगर निगम चुनाव हर चुनाव में राजनेता पानी को मुद्दा बनाकर सामने आते है और जैसे ही चुनाव हो जाता है तो फिर यही राजनेता जनता को भूल जाते है।स्थानीय निवासी बताते है कि प्रशासन के करोड़ो रु खर्च होने के बाद तैयार खड़ी पानी की टंकिया सिर्फ दिखावे का सफेद हाथी बन गई है।इन पानी की टंकियों को सिर्फ वोट पाने के लिए ही नेता याद करते है। जबलपुर शहर की जनता को पानी के लिए 12 माह जदोजहद करनी पड़ रही है।

दो वक्त के पानी के लिए खाली डिब्बे लेकर पड़ता है घूमना
अंजनी सोनी बताती है कि उसे दो वक्त के पानी के लिए सुबह शाम साइकिल में डिब्बे तांग कर पानी तलाशना पड़ता है इसकी एक वजह यह भी है कि जो घर के पास न लगे हुए हैं उन पर सप्ताह में कभी कभार ही पानी आता है आज दिन पानी की मोटर खराब हो जाती है जो बहाना नगर निगम के अधिकारी बताते हैं ऐसे में पूरे क्षेत्र में घूम कर जहां पानी मिल जाता है वहां से पानी भर कर अंजली अपना और अपने परिवार का को पानी की जरूरत उपलब्ध करवाती है ऐसा नहीं है कि जबलपुर शहर के लाला लाजपत राय वार्ड में ही इस तरह की समस्या बनी हुई है अमूमन शहर के हर वार्ड में रहने वाला हर व्यक्ति पानी के लिए खासा परेशान है नगर निगम टैक्स तो पूरा पानी का वसूल करती है लेकिन पानी की उपलब्धता करवाने में वह पूरी तरह से फेल है यही वजह है कि लोगों को सुबह से लेकर रात तक पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है

निगम अधिकारी का दावा अब नहीं होगी पानी की समस्या
नगर निगम में पदस्थ कार्यपालन यंत्री पुरुषोत्तम तिवारी का कहना है कि अमृत योजना के तहत जबलपुर शहर में 16 टंकियां बनवाई गई है इन टंकियों में से महज 1 टंकियों में कुछ खामियां आई है जबकि 15 टंकियां बनकर पूरी तरह से तैयार है और अगस्त माह के पहले सप्ताह से ही इन पानी की टंकियों से समूचे शहर में पानी उपलब्ध करवाया जाएगा निगम अधिकारी का यह भी दावा है कि अमृत योजना के तहत बनी इन टंकियों का जब पानी मिलने लगेगा तो यह किल्लत पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी

एक नजर अमृत योजना के तहत बनी पानी की टंकियों पर….

* जबलपुर में शहरी नवीनीकरण परिवर्तन मिशन योजना के तहत बनी है शहर में 16 पानी की टंकियां……
* इन पानी की टंकियों को बनाने में कुल 150 करोड़ रु हुए खर्च….
* पनागर विधानसभा में 7,कैंट में 4,बरगी में 1,पूर्व में 1,पश्चिम में 2 और उत्तर मध्य विधानसभा में 1 पानी की टंकियां बनवाई गई है…
* जुलाई माह में 7 पानी की टंकी शुरू करने का निगम का था दावा जो की नही हो सका पूरा…..

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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