दिल्ली से पैदल चलकर जबलपुर पहुंचे दो युवक, पुलिस ने दिखाई दरियादिली

दिल्ली से पैदल चलकर जबलपुर पहुंचे दो युवक, पुलिस ने दिखाई दरियादिली

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस के खतरे के कारण थम चुके देश में लोग परेशान हैं। बस किसी भी तरह लोग अपने घर पहुँचना चाह रहे हैं। ऐसे ही दो युवक सोमवार को दिल्ली से चलते हुए जबलपुर पहुँचे. जहाँ ओमती थाना पुलिस ने दोनों युवकों को भोजन करवाने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया।

मंडला के रहने वाले युवक दिल्ली में होटल में किया करते थे काम
कोरोना वायरस के चलते लगे कर्फ्यू के बीच ये दोनों युवक 25 मांर्च को दिल्ली से निकले, आगरा तक तो उन्हें बस मिल गई पर उससे आगे के सफर के लिए उनके पास कोई साधन नही था। लिहाजा अपने घर पहुँचने के लिये दोनो पैदल ही निकल पड़े, हालांकि कुछ लोगो ने जरूर उनको अपने अपने वाहनों में कुछ दूर तक छोड़ा पर ग्वालियर के बाद उन्हें कोई साधन नही मिला।

25 मांर्च को निकल 30 को पहुँचे जबलपुर,अब पुलिस पहुचायेगी मंडला
मंडला के रहने वाले दोनों युवक सुगम और राजू दिल्ली में एक होटल में काम करते थे।कोरोना वायरस के चलते होटल बन्द हो गए मालिक ने उन्हें घर जाने के लिए कह दिया गया। जिसके बाद 25 मांर्च को ये दोनो युवक वहाँ से निकले और 5 दिन में जबलपुर पहुँचे।

संस्करधानी में दिखी सोशल पुलिसिंग
सोमवार को जब ओमती थाना प्रभारी एसपीएस बघेल अपनी टीम के साथ गश्त पर थे तभी नोदरा ब्रिज के पास ये दोनों युवक बैठे हुए दिखे। उनसे जब पूछा गया तो पूरी आपबीती उन्होंने पुलिस के सामने रख दी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खाना खिलाया और अब स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनकी मंडला जाने की व्यवस्था पुलिस करवा रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews