नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर खाद की कालाबाजारी के आरोप लगाये, धान की MSP पर भी घेरा

उमंग सिंघार ने कहा भाजपा के शासन में पेड़ तो सिर्फ पेपर पर लगते है, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा किनारे पेड़ लगाये थे करीब 350 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे, अब जब ये नर्मदा मैया को नहीं छोड़ रहे तो आम जनता को क्या छोड़ेंगे
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर खाद की कालाबाजरी के आरोप लगाये हैं, उन्होंने प्रदेश के किसानों को उनका वाजिब हक़ नहीं देने और धान की 3100 रुपये एमएसपी पर खरीद नहीं करने के भी आरोप लगाये, उन्होंने सरकार के पौधरोपण कार्यक्रम पर भी सवाल उठाये।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज जबलपुर में मीडिया से बात की, उन्होंने इस दौरान कई सवालों के जवाब दिए और ज्यादातर में सरकार उनके निशाने पर रही, कांगेस नेता ने किसानों के हक़, खाद की कालाबाजारी, धान की एमएसपी, पौधरोपण, अम्बेडकर मूर्ति विवाद, महिला सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर प्रदेश सरकार और भाजपा को घेरा।

किसानों की उनका हक़ नहीं देती है प्रदेश सरकार 

उमंग सिंघार ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्योग धंधों और रोजगार के आंकड़े देते हैं लेकिन  महाकौशल जबलपुर आज भी उद्योग में पीछे है , उन्होंने कहा यहाँ धान भी होता है लेकिन क्या मुख्यमंत्री 3100 रुपये MSP की घोषणा करेंगे, डेढ़ साल होने वाला है किसान को धान का उचित दाम नहीं मिल रहा उन्होंने कहा कि खाद के विषय को कांग्रेस ने हमेशा उठाया है लेकिन सरकार क्यों समय से पहले इसकी  व्यवस्था नहीं करती, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खाद की कालाबाजारी कराती है किसानों को नहीं देना चाहती।

आज प्रदेश में बहनें, बेटियां सुरक्षित नहीं हैं

उमंग सिंघार ने कहा कि आज रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है लेकिन दुःख की बात है कि आज प्रदेश में बहनें, बेटियां सुरक्षित नहीं हैं क्या मुख्यमंत्री बहनों को बेटियों को बचायेंगे , उन्होंने कहा कि जो सक्षम अधिकारी नहीं हैं उन्हें पीएचक्यू बुलाइए और जो काबिल हैं उन्हें फील्ड में उतारिये।

अम्बेडकर मूर्ति विवाद पर साधा निशाना 

ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब अम्बेडकर की मूर्ति लगाने के विवाद पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने इसे इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया है देश के महापुरुषों की मूर्ति लगाने में परेशानी क्या है इसमें राजनीति नहीं करनी, विकास पर ध्यान देना चाहिए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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