कई हादसों के बाद जागा प्रशासन, बगदरी घाटी पर बनाए 4 स्पीड ब्रेकर, 10 स्थानों पर संकेतक लगाए

कई हादसों के बाद जागा प्रशासन, बगदरी घाटी पर बनाए 4 स्पीड ब्रेकर, 10 स्थानों पर संकेतक लगाए

जबलपुर, संदीप कुमार| जबलपुर-दमोह मार्ग (Jabalpur-damoh Road) में लगातार हो रहे हादसों (Accident) के बाद आखिरकार जिला प्रशासन जागा और बगदरी घाटी में स्पीड ब्रेकर सहित संकेतक लगाए गए| इतना ही नहीं घाटी में क्षतिग्रस्त हुई रेलिंग को भी सुधारा गया| इस दौरान एमपीआरडीसी और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

दुर्घटनाओं की घाटी बन चुकी थी बगदरी
पाटन के पास स्थित बगदरी घाटी में आए दिन हादसे हो रहे थे हाल ही में 4 लोगो की भी बस में दबने से हुई मौत को लेकर स्थनीय लोगो का प्रशासन के खिलाफ जमकर गुस्सा फूटा था,आखिर इस हंगामे के बाद जिला प्रशासन जागा और सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगवाए, इतना ही नही रोड पर संकेतक के साथ साथ रेलिंग को भी ठीक करवाया गया।

ये हुआ था हादसा
24 दिसम्बर0 को प्रातः लगभग 11 बजे बगदरी घाटी में बस पलटने की घटना हुई थी जिसमे की न सिर्फ 4 लोगो की मौत हुई थी बल्कि दर्जनों लोग घायल हुए थे, आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल एवं अतिरिक्त पुंलिस अधीक्षक यातायात संजय कुमार अग्रवाल घाटी पहुँचे और निरीक्षण किया गया, जिसमें मुख्य रूप से रोड इंजीनियरिंग की कमी सामने आयी हैं, क्योंकि बगदरी घाटी पर छोटा घुमाव एवं ढाल है, जिस कारण तेंदूखेड़ा की ओर से आते समय छोटा घुमाव एवं ढाल होने के कारण अक्सर वाहन पलट जाते है। बगदरी घाटी में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु मध्य प्रदेश रोड डेव्हलेपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एम.पी. आर.डी.सी.) के अधिकारियों से चर्चा कर तत्काल स्थान चिन्हित कर ब्रेकर बनवाते हुये स्पीड ब्रेकर रोड मार्किग तथा संकेतक लगवाए गए।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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